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ठगी की कमाई से चंद्रपाल ने शुरू किया ट्रांसपोर्ट कारोबार

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मेरठ में 15 लाख रुपये की पगड़ी पर ली दुकान, पुलिस पुराने मामले भी खंगालने में जुटी

बरेली। सस्ते सोने का लालच देकर ठगी करने वाले गैंग के मास्टरमाइंड मेरठ में थाना कंकरखेड़ा के पल्लवपुरम निवासी चंद्रपाल वर्मा ने ठगी की कमाई से मेरठ में ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी शुरू किया है। इसके लिए उसने 15 लाख रुपये की पगड़ी पर दुकान किराये पर ली है। पुलिस उससे और उसके साथी इकबाल से पूछताछ कर ठगी के 40 लाख रुपये बरामद करने का प्रयास कर रही है।
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शास्त्रीनगर निवासी सराफ सुभाषचंद्र और उनके पिता चंद्रसेन गंगवार से सस्ते सोने का झांसा देकर 40 लाख रुपये ठग लिए गए थे। इस मामले में प्रेमनगर पुलिस ने शुक्रवार को मेरठ में थाना कंकरखेड़ा के पल्लवपुरम निवासी चंद्रपाल वर्मा, उत्तराखंड में किच्छा के ग्राम दोपहरिया निवासी रविंद्र सिंह, लखीमपुर खीरी में थाना मोहम्मदी के गांव थिया निवासी अहिबाब उर्फ मुन्ना, शाहजहांपुर में सदर बाजार के मोहल्ला मामूडी निवासी इकबाल उर्फ पप्पू, बाड़ूजई पेशावरी के शरीफ और मेरठ में थाना सदर बाजार के मीरगंज निवासी शफीक और अमरोहा के थाना रजबपुर में ग्राम नाई निवासी हेड कांस्टेबल (पीटीआई) बृजेश सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से 250 ग्राम सोना बरामद हुआ था, लेकिन 40 लाख रुपयों का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। इसके चलते पुलिस चंद्रपाल और इकबाल को हिरासत में रखकर इसकी बरामदगी का प्रयास कर रही है।

कई साल से ठगी कर रहा है चंद्रपाल

पुलिस की पूछताछ में चंद्रपाल ने सिर्फ चार-पांच घटनाएं स्वीकार की हैं लेकिन जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से ठगी कर रहा है। ठगी की कमाई से उसने लाखों रुपये लगाकर मेरठ में ट्रांसपोर्ट का काम शुरू किया है।

तीनों व्यापारियों ने नहीं दी तहरीर

चंद्रपाल और इस गैंग की गिरफ्तारी के बाद शनिवार दोपहर डीडीपुरम के विवेक अग्रवाल, सेंथल के संजीव गुप्ता और गुद्दड़ बाग के सुबोध थाना प्रेमनगर पहुंचे थे। उन लोगों ने भी 18 लाख रुपये की ठगी होने की बात कही थी लेकिन रुपये वापस न मिलने की आशंका के चलते उन लोगों ने रिपोर्ट लिखाने से इनकार कर दिया है।

हेड कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू

फर्जी एटीएस बनकर ठगों की मदद करने और सोना लूटने के मामले में पुलिस लाइन के हेड कांस्टेबल (पीटीआई) बृजेश सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि फिलहाल उसे सस्पेंड कर दिया गया है। सीओ लाइन को उसके खिलाफ विभागीय जांच सौंपी गई है। जांच पूरी होने और चार्जशीट लगने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई भी कराई जाएगी।

चंद्रपाल का गुर्गा निकला नकली सोने की ईंट बेचने वाला साबिर

बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र में अप्रैल में पकड़े गए ठगी के मास्टरमाइंड साबिर अली से भी चंद्रपाल वर्मा का कनेक्शन सामने आया है। पुलिस का कहना है कि साबिर अली भी चंद्रपाल के गैंग का ही सदस्य है। चंद्रपाल से ही साबिर ने ठगी के गुर सीखे थे।
ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड के कस्बा सिसौना के सराफा कारोबारी अर्जुन शाह से सतपाल नाम का एक व्यक्ति मिला और सस्ता सोना दिलाने का झांसा दिया। पहले तो आरोपियों ने अर्जुन को सही सोना दिया फिर एक किलो सोने की ईंट देने के बहाने जाल में फंसा लिया। सोना दिलाने के बहाने सतपाल ने अर्जुन को 31 मार्च को आठ लाख रुपये लेकर रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के पास बुलाया। जब वह पहुंचे तो सतपाल से बातचीत के दौरान ही उसके साथियों ने खुद को एसओजी बताकर घेर लिया। फिर अर्जुन से आठ लाख रुपये और मोबाइल लेकर भाग गए। इस मामले में पुलिस ने सतपाल को पकड़ा तो उसका असली नाम साबिर अली सामने आया, जो इज्जतनगर में बिहार कलां का रहने वाला है। उसके साथ ही गोसाईं गौंटिया के उपेंद्र तिवारी, ऊधमसिंह नगर के बाबू, प्रवेंद्र, सुपरसिटी के अभि उर्फ अर्पण, फरीदपुर के हृदयेश, रंपुरा रतन के सूर्य प्रताप सिंह, रजनीश कुमार उर्फ बंटू समेत नौ बदमाश गिरफ्तार हुए थे। पुलिस के मुताबिक साबिर अली भी चंद्रपाल के गैंग का गुर्गा है। साबिर के साथ वह ठगी के शिकार सराफा कारोबारी अर्जुन शाह से भी मिल चुका था।
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