टिकट का फैसला बाद में
प्रस्तावित सेंट्रल पार्क में प्रवेश के लिए शुल्क लगाने की तैयारी है। बीडीए के सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि कम से कम शुल्क लगाया जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद निर्णय लिया जाएगा। शुल्क रखने की मंशा यही है कि पार्क की देखरेख में कोई कमी न होने पाए।
आर्थिक तौर पर परियोजना आत्मनिर्भर हो। इसी वजह से पार्क के फ्रंट पर दुकानों का निर्माण होगा। दुकानों को बेचने से 50 करोड़ रुपये आमदनी होने का अनुमान है। इस रकम को फिक्स डिपॉजिट कर भविष्य में पार्क के संचालन के लिए चार करोड़ रुपये सालाना बजट जुटाने की कवायद चल रही है।