देश तनाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में पाकिस्तान के वार्ता के अनुरोध को ठुकराने की बजाए उसकी भी सुननी चाहिए। केंद्र सरकार की आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई देश हित में है लेकिन किसी की बात सुनने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार पहल कर देश में स्थिरता कायम करे।
ये बातें सपा के पूर्व कद्दावर मंत्री आजम खां ने आंवला में प्रेसवार्ता के दौरान कही। वे एक सभा को संबोधित करने आए थे। इसके बाद पूर्व सपा प्रकोष्ठ के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष आबिद अली के आवास पर मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने कुंभ मेले को राजनीतिक अखाड़ा बना दिया है। कहा, इससे पूर्व हुए कुंभ में कभी भी घाट किनारे खाली पड़ी जमीन को श्रद्धालुओं के लिए शिविर लगाने और अखाड़े के लिए किराए पर नहीं दी गई लेकिन इस बार स्थान के हिसाब से प्रदेश सरकार ने जमकर किराया वसूल कर रही है।
उन्होंने अपने आप को देश में किराएदार भी बताया, बोले इसका सबूत प्रदेश सरकार उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराकर दे रही है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर सौतेलेपन का आरोप लगाते हुए कहा कि तीन माह से उनकी जौहर यूनिवर्सिटी की पानी की सप्लाई बंद करा दी है। जबकि ओवरहेड टैंक सरकार ने बनवाया है। कहा, आगामी लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश से ही देश का प्रधानमंत्री बनेगा। वार्ता में उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर दोहरी मानसिकता अपनाने के आरोप में जमकर खरी खोटी सुनाईं।
शोर शराब होने पर सभा में बिना बोले ही निकल गए आजम
आंवला कस्बे के बाराबुर्जी मजिस्द के पास एक बारात घर में आयोजित सभा में आजम खां के पहुंचते ही शोर शराबा होने पर वे वह बिना बोले ही चले गए। हालांकि उन्होंने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन प्रयास असफल होने पर वह खुद ही चले गए। इसके पूर्व आंवला आगमन पर स्थानीय सपा नेताओं ने उन्हें चांदी का मुकुट और बुकें भेंट कर उनका इस्तकबाल किया। इसमें बदायूं के पूर्व दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा, पूर्व चेयरमैन सैय्यद आबिद अली, नवूवत अली, नगर अध्यक्ष इस्लाम खां, राम बहादुर यादव, देवरिया चेयरमैन हाफिज इकराम, शफीक अहमद, गौरव जायसवाल, सभासद अकबर खान, वीरेंद्र कुमार सिंह, फहीम खां, साबिर कातिब आदि शामिल रहे।