बरेली। सीबीएसई बोर्ड के नामी स्कूल से पढ़ाई करने वाला प्रतिष्ठित परिवार का छात्र खराब संगत की वजह से मादक पदार्थ तस्करी के धंधे में उतर गया। वह हिमाचल से लाकर शहर में चरस सप्लाई करने लगा। प्रेमनगर थाना पुलिस ने उसे चरस बेचते वक्त गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
रविवार सुबह प्रेमनगर थाने के दरोगा सरताज पुलिस टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे, तभी मुखबिर की सूचना पर वह कुदेशिया पुल के नीचे पहुंचे। वहां हार्टमैन काॅलेज रोड विद्यासागर स्कूल के सामने दो लोग संदिग्ध रूप से खड़े दिखे। पुलिस ने इन्हें टोका तो एक भाग निकला जबकि दूसरे को पुलिस ने पकड़ लिया। उसने अपना नाम शास्त्री नगर निवासी अरमान उर रहमान बताया।
कहा कि भागने वाला उसका साथी तालिब है जो बड़ी मस्जिद अशरफ खां छावनी में रहता है। पुलिस ने अरमान उर रहमान के पास से 320 ग्राम चरस बरामद की गई। अरमान से नकदी, स्कूटी और मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। पुलिस ने अरमान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की, रिमांड मजिस्ट्रेट ने उसे जेल भेज दिया। प्रेमनगर पुलिस उसकी संपत्ति की जानकारी कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में तारीख पर जाते वक्त लाता था चरस
पुलिस ने जानकारी की तो पता लगा कि अरमान उर रहमान के पिता ईंट भट्ठे के कारोबारी हैं। उसका भाई पिता के साथ कारोबार में हाथ बंटाता है। अरमान शहर के प्रतिष्ठित सीबीएसई स्कूल का छात्र रहा और पढ़ाई में काफी तेज था। फिर गलत संगत में आकर तस्करी करने लगा। उसके खिलाफ हिमाचल प्रदेश में भी मुकदमे हैं। जब वहां तारीख करने जाता है तो वहां से चरस व स्मैक ले आता है। यहां स्कूल कॉलेजों के पास वह और उसका दोस्त छात्रों व अन्य ग्राहकों को महंगे दाम पर फुटकर में बेचते हैं। ब्यूरो
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गैंगस्टर लगाने का दावा कर भूली बिथरी पुलिस
कुछ साल पहले अरमान का गिरोह बिथरी चैनपुर पुलिस ने पकड़ा था। तब एक ईंट भट्ठे की आड़ में अरमान अफीम डोडा की सप्लाई करते हुए पकड़ा गया था। उस समय अरमान के पास से दस बोरों में कई क्विंटल माल पकड़ा गया था। अरमान को जब बिथरी चैनपुर थाने से जेल भेजा गया था तब पुलिस ने जल्द ही उस पर गैंगस्टर लगाने का दावा किया था। बाद में मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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आलीशान मकान, लक्जरी गाड़ियों का करता है इस्तेमाल
अरमान विद्यासागर स्कूल के सामने बने आलीशान मकान में रहता है। उसके पास कई लक्जरी कारें भी हैं। बताया जा रहा है कि तस्करी के नेटवर्क में अरमान के पिता की भूमिका भी संदिग्ध है। अरमान पर बिथरी में कार्रवाई के दौरान उसके पिता का नाम भी उस समय तस्करी से जुड़ा था लेकिन पुलिस ने उसे बचा दिया था। अब एसएसपी अरमान और उसके गिरोह पर बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं।