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बरेली: हाजी शकील की डेयरी से ट्रकों में ठूंसकर निकाले पशु, गोरक्षकों ने किया हंगामा, पुलिस को दी तहरीर

Mon, 28 Sep 2026 10:04 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)

सार

बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में गोरक्षकों ने सोमवार को पशुओं से भरे दो ट्रकों को रोक लिया। दोनों ट्रकों में 40 पशु थे। इनमें 20 गोवंशीय पशु थे। सभी पशुओं के मुंह पैर बंधे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 
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ट्रक से उतारे गए गोवंश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में सोमवार को दो ट्रकों में ठूंसकर ले जाए क्षमता से अधिक 40 पशु देखकर गोरक्षकों ने हंगामा कर दिया। पता लगा कि इनमें 20 गोवंशीय पशु भी शामिल थे, जिनके हाथ-मुंह बांध दिए गए थे। कार्यकर्ताओं ने इन ट्रकों को रोककर चालकों को पुलिस के हवाले कर दिया और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष रोहित गंगवार ने बताया कि सोमवार दोपहर गांव धंतिया स्थित हाजी शकील की डेयरी से पशुओं को ट्रकों में ठूंसकर ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर वह बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ताओं अमित गंगवार, विजय गंगवार, शिवा राठौर, चंद्रेश, विजय मौर्य और शिवा कश्यप के साथ धंतिया की ओर गए। 

हाईवे पर शंखा नदी पुल के पास कार्यकर्ताओं ने दोनों ट्रकों को रोक लिया। ट्रकों में 40 पशु भरे हुए थे, इनमें से 20 गोवंशीय थे। पशुओं को ठूंसकर ले जाने का कारण पूछने पर ट्रक चालकों से इनकी कहासुनी और हाथापाई हो गई। इसके बाद किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया गया। पुलिस ने फिलहाल सभी पशुओं को थाना परिसर में बांध दिया है।

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मीट फैक्टरी प्रबंधन भी शक के दायरे में
जिन डेयरी मालिक के पशु बताए जा रहे हैं, उन हाजी शकील कुरैशी की मारिया फ्रोजन मीट कंपनी भी कैंट इलाके में है। यहां काले पशुओं का रोस्टर के हिसाब से कटान होकर मीट एक्सपोर्ट किया जाता है। ऐसे में उनकी डेयरी में गोवंशीय पशुओं की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पशुओं को जलभराव से बचाने के लिए शिफ्ट करने का तर्क समझ आता है लेकिन उन्हें ठूंसकर ले जाने और सफेद पशुओं को वाहन के बीच में मुंह व पैर बांधकर डालने से फैक्टरी प्रबंधन भी संदेह के दायरे में आ गया है।

पुलिस ने शुरू की जांच
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर फतेहगंज पश्चिमी थाने के प्रभारी निरीक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों ट्रकों को कब्जे में लेकर चालकों से पूछताछ शुरू कर दी है। कुछ लोगों ने चालकों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। वैसे चालकों ने बरसात की वजह से पशुओं को एक डेयरी से दूसरी में शिफ्ट करने की सफाई दी है, जांच में कोई खामी मिली तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फैक्टरी प्रबंधन ने दी सफाई
मारिया फ्रोजन मीट फैक्टरी के प्रबंधन से जुड़े ईशान ने बताया कि धंतिया के पास उनकी डेयरी निचले इलाके में है। यहां जलभराव हो गया तो पशुओं को समस्या हो गई, तब उन्हें दूसरी डेयरी में ले जाया जा रहा था। इनमें भैंसों के अलावा गाय, घोड़े व अन्य तरीके के पशु भी शामिल हैं जो धीरे धीरे शिफ्ट किए जा रहे हैं।
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