केंद्र सरकार कैशलेस पर जोर दे रही है लेकिन बैंक पोस मशीन ही उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। यहां के कारोबारी बैंकों से करीब पांच सौ स्वाइप मशीन की मांग कर चुके हैं लेकिन बैंक उन्हें उपलब्ध नहीं करा पा रहीं हैं। दूसरी ओर बैंकों का कहना है कि उन्होंने तो डिमांड भेज दी है, करीब एक महीने में मशीन मिल सकेंगी।
शहर के कारोबारी चाहते हैं कि कैश न होने की स्थिति में उनके कारोबार पर असर न पड़े। नवंबर के दूसरे सप्ताह में अधिकांश कारोबारियों ने स्टेट बैंक, बैंक आफ बडौ़दा, पीएनबी,एचडीएफसी, आईसीआईसी, एक्सिस बैंक में स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किया था। करीब डेढ़ महीने हो गए, अभी तक इनके लिए मशीनों की व्यवस्था नहीं हो पाई। बैंकों का कहना है कि मशीन लांच कराने का काम हमारा दूसरा विभाग करता है, उसके लिए रिमाइंडर भेज दिए हैं। बैंकों में इस तरह की लेटलतीफी हुई तो केंद्र सरकार की कैशलेस योजना घोषणा तक ही सिमट कर रह जाएगी।
दूसरी ओर बैंक लोगों से डेढ़ फीसदी तक कमीशन काट रहे हैं। जबकि सरकार के आदेश हैं कि मार्च तक किसी भी तरह का कमीशन नहीं लिया जाएगा। एचडीएफसी की पोस मशीनों पर कमीशन काटे जाने के कारण इंडियन आयल कंपनी के बजरंग पेट्रोल पंप सहित आधा दर्जन ने पोस मशीन से भुगतान लेना बंद कर दिया है। इस कारण उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। ऐसे ही कई और व्यापारियों ने कमीशन की कटौती के कारण पोस मशीन का इस्तेमाल बंद कर दिया है।