बरेली। अनदेखी कहें या जागरूकता का अभाव, वजह कोई भी हो, लेकिन साल दर साल सिजेरियन प्रसव के मामले बढ़ते जा रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक पौष्टिक आहार की कमी से गर्भवतियों में दर्द झेलने की शक्ति कम हो रही है। दूसरी ओर, सामान्य प्रसव में स्थिति गंभीर होने की आशंका जताते हुए कई बार परिजन ही सिजेरियन प्रसव का दबाव बनाते हैं।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक गर्भवतियों द्वारा सेहत पर ध्यान नहीं दिए जाने से गर्भस्थ शिशु की सेहत भी प्रभावित होती है। प्रवस के दौरान उनकी स्थिति गंभीर हो जाती है। उन्होंने गर्भधारण के बाद नियमित जांच व परामर्श आदि के अभाव में भी सिजेरियन प्रसव की स्थिति बनने की आशंका जताई है। बताया कि सामान्य प्रसव के दो घंटे बाद ही प्रसूता सामान्य हो जाती हैं। सिजेरियन प्रसव के बाद 12 से 14 घंटे तक प्रसूता स्वयं सामान्य कार्य नहीं कर सकती हैं।
जिला महिला अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार साल 2019 में 973 सिजेरियन प्रसव हुए थे। साल 2020 में आंकड़ा 1015 पहुंच गया। साल 2021 में 1204 और साल 2022-23 में यह आंकड़ा 14 सौ तक पहुंच गया है।
सामान्य प्रसव से बेहतर होती है नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. भारती सरन के मुताबिक सामान्य प्रसव से प्रसूता को क्षति की आशंका कम होती है। बच्चा कई तरह के संक्रमण से सुरक्षित रहता है। जननांग से बाहर निकलने का संघर्ष और प्राकृतिक रूप से रोना उसकी श्वसन प्रक्रिया को और सक्रिय करता है। शिशु की छाती और फेफड़ों के प्रसार में भी मदद मिलती है। बच्चा जल्द दूध पीने लगता है, लिहाजा रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रहती है।
पौष्टिक आहार का रखें ध्यान
गर्भधारण के बाद दूध, छाछ, पनीर, दही आदि भरपूर आहार लेना चाहिए। खाने में फॉस्फोरस, विटामिन बी, मैग्नीशियम और जिंक का प्रयोग जरूरी है। मसूर की दाल, मटर, सेम की फलियां, चना, सोयाबीन और मूंगफली आदि का सेवन भी करें, क्योंकि इनमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कैिल्शयम प्रचुर मात्रा मिलता है। फास्ट फूड खाने से आवश्यक विटामिन, प्रोटीन कम होेने से गर्भवतियों की तकलीफ बढ़ती जाती है।
पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर की भी गर्भवती शामिल
सीएमएस के मुताबिक जिला महिला अस्पताल में बरेली के अलावा मंडल के अन्य जिलों से भी गर्भवती रेफर होकर पहुंचती हैं। इनमें ज्यादातर गंभीर मामले ही होते हैं। बताया कि बदायूं, पीलीभीत व शाहजहांपुर में पहले बच्चा का ही सिजेरियन प्रसव होता है, दूसरी या तीसरी बार प्रसव के लिए उन्हें बरेली रेफर किया जाता है।