बरेली। नक्शे में सुधार वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर उसे आगे बढ़ाने के लिए पांच हजार रुपये घूस लेने वाले चकबंदी दफ्तर के मानचित्रकार को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
नकटिया भरतौल निवासी जितेंद्र कुमार दोनों हाथ व एक पैर से दिव्यांग हैं। दिव्यांग जितेंद्र की शिकायत पर सोमवार को एंटीकरप्शन टीम ने मानचित्रकार राजीव मित्तल को गिरफ्तार किया था। जितेंद्र ने टीम को बताया था कि उनकी भूमि का क्षेत्रफल कम हो गया था। क्षेत्रफल पूरा करने के लिए नक्शे में सुधार कराना था। नक्शे के लिए चकबंदी दफ्तर में प्रार्थना पत्र दिया। पेशकार ने मानचित्रकार राजीव मित्तल को रिपोर्ट लगाने का आदेश दिया, लेकिन उसने पांच हजार रुपये रिश्वत के बता दिए। टीम ने फिनाफ्थलीन पाउडर लगे नोट जितेंद्र को दिए। जितेंद्र ने राजीव को नोट देकर जेब से रुमाल निकालकर मुंह पोछा। संकेत मिलने पर टीम आश्वस्त हो गई कि राजीव ने रिश्वत ले ली है। आसपास मौजूद एंटी करप्शन टीम ने राजीव को पकड़ लिया। राजीव महज हस्ताक्षर कर फाइल बढ़ाने के बदले दिव्यांग से रिश्वत ले रहा था। मंगलवार को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर राजीव को कोर्ट में पेश दिया गया, वहां से उसे जेल भेज दिया है।