बरेली। शहर की सड़कें बदहाल हैं और सिस्टम बेपरवाह। निगम के अभियंता लोगों की बात सुनने को तैयार नहीं। ऐसे में पार्षद अपने खर्चे पर मिट्टी से सड़कों के गड्ढे भरवा रहे हैं। नगर निगम बोर्ड ने प्रत्येक वार्ड पार्षद की संस्तुति पर 30-30 लाख रुपये खर्च करने का प्रस्ताव 19 जनवरी को पारित किया है पर यह नाकाफी है। शहर के कई वार्डों की सड़कें चलने लायक नहीं हैं। गली-मोहल्ले की सड़कें भी बदहाल हैं। इनकी मरम्मत व नवीनीकरण के लिए और बजट की जरूरत होगी।
शहर के 80 में से छह वार्ड स्मार्ट सिटी का हिस्सा बन गए। यहां मुख्य मार्गों का निर्माण स्मार्ट सिटी के बजट से हो गया पर गलियों की हालत यहां भी खराब है। इससे इतर वार्ड 34, 36 और 73 में सड़कों की स्थिति काफी खराब है। वार्ड 36 के पार्षद कामिल हुसैन ने बताया कि वार्ड को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की हालत खराब है। परतापुर चौधरी और सुंदरासी के लोगों का आवागमन बाधित हुआ तो उन्होंने नगर निगम के जेई अनुराग को अवगत कराया। इसके बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो उन्होंने अपने खर्च पर मिट्टी डलवाई। वार्ड 73 के पार्षद गुलबशर ने बताया कि उन्होंने आठ हजार रुपये खर्च करके मेदापुर में मस्जिद वाली गली में मिठ्टी डलवाई क्योंकि नगर निगम के अधिकारी सुनतठ्ही नहीं हैं।
हर बैठक में गूंजता है खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा
सड़कों के खस्ताहाल होने का मुद्दा नगर निगम की प्रत्येक बैठक में गूंजता है। आश्वासन मिलता है पर सड़कें ठीक नहीं होतीं। पिछली बोर्ड बैठक में 30-30 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं पर पिछड़ेपन का शिकार 10 वार्डों में सड़कों को बनवाने के लिए एक से तीन करोड़ रुपये तक की जरूरत है।
ये सड़कें हैं जर्जर
- वार्ड संख्या 73 : बिधौलिया में 30 लाख के बजट से तीन सड़कें बनने की स्थिति है। वार्ड में 18 सड़कों के तत्काल मरम्मत की जरूरत है। पार्षद ने बताया कि वह महापौर को प्रस्ताव दे चुके हैं लेकिन बजट की कमी से काम अटके हैं।
- वार्ड संख्या 36 : जौहरपुर में 30 हजार की आबादी खतरों भरा सफर कर रही है। सनैयारानी में कई गलियां ऐसी हैं जहां पर सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
- वार्ड संख्या 34 : परतापुर चौधरी में 30 लाख रुपये से सिर्फ एक सड़क बन पा रही है। पार्षद कामिल हुसैन ने बताया कि 20-25 मार्ग ऐसे हैं जिनके तत्काल निर्माण की जरूरत है।
-
प्रत्येक वार्ड पार्षद की संस्तुति पर 30-30 लाख रुपये के निर्माण कार्य कराए जाने का निर्णय बोर्ड की बैठक में लिया गया है। अगर किसी बार्ड में इससे ज्यादा के काम कराए जाने की जरूरत है तो उस पर भी विचार किया जाएगा। फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर 30-30 लाख के काम कराए जाने के प्रस्तावों पर अमल किया जा रहा है। -उमेश गौतम, महापौर
पार्षदों के अपने खर्चे पर मिट्टी डलवाने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर पार्षद इन सड़कों के बारे में लिखकर देते हैं तो मैं 30 लाख रुपये प्रति वार्ड के बजट में उसे शामिल कराऊंगा और सड़कों का निर्माण भी होगा। - डीके शुक्ला, कार्यवाहक मुख्य अभियंता, नगर निगम