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कैंट बोर्ड ने मंदिर में हो रहा निर्माण ढहाया, केंद्रीय मंत्री के आवास पहुंचे लोग

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तोड़फोड़ की घटना का विरोध करते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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तोपखाने के पीछे मंदिर में सत्संग के लिए डाला जा रहा था टिन शेड, टीम पर लगाए आरोप

बरेली। कैंट बोर्ड ने आरए बाजार में तोपखाने के पीछे मंदिर में बिना अनुमति कराया जा रहा निर्माण गिरा दिया। इस पर बजरंग दल वालों के साथ स्थानीय लोगों ने भी गुस्सा जताया है। कार्रवाई से आक्रोशित लोगों ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के आवास पर जाकर शिकायत की।
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तोपखाना स्थित काली मंदिर में धूप एवं बारिश से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने चंदा करके पिलर खड़े कराए और वहां टिन शेड लगवा रहे थे। शुक्रवार दोपहर में कैंट बोर्ड की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची और हो रहे निर्माण को गिरवा दिया। स्थानीय लोगों ने एकत्र होकर तोड़फोड़ रोकने की कोशिश की पर टीम अपना काम करके वहां से निकल गई। कुछ ही देर में मंदिर पर काफी संख्या में लोग खासकर महिलाएं एकत्र हो गईं। बजरंग दल के महानगर संयोजक अमित कुमार भी पहुंच गए।
इन लोगों ने बताया कि यह मंदिर लगभग 50 वर्ष से भी ज्यादा पुराना है। यहां सत्संग करने वालों के लिए धूप व बारिश से बचने का कोई उपाय नहीं है। लोगों ने आपसी सहमति से यहां टिन शेड डलवाने की व्यवस्था की थी। शेड डालने को पिलर खड़े किए गए थे पर कैंट बोर्ड की टीम ने पुलिस के साथ पहुंचकर इन्हें गिरा दिया। कोई नोटिस भी नहीं दिया। आरोप लगाया कि मंदिर के अंदर टीम गुटखा खाकर थूक भी रही थी। भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष मंजू देवी ने बताया कि टीम ने जनता के साथ अभद्र व्यवहार किया। वह लोग दोषियों पर कार्रवाई कराएंगे।

किसी भी धर्मस्थल में निर्माण गैरकानूनी है। इस मामले में हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं। कैंट बोर्ड ने इसी वजह से कार्रवाई की होगी। इस मामले में पुलिस के पास कोई शिकायत नहीं है। - धर्मेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर कैंट

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