बरेली। पुरानी मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा सेे वोटर बनाए जाने के आरोप लगने पर उसे कैंट बोर्ड ने निरस्त कर दिया, लेकिन हाल ही में प्रकाशित नई मतदाता सूची भी आरोपों से खाली नहीं है। नई मतदाता सूची में नगर निगम क्षेत्र के निवासियों के नाम दर्ज कराए जाने की आपत्ति कैंट निवासियों ने दर्ज कराई है, जिससे कैंट बोर्ड की ओर से निष्पक्ष और फर्जीबाड़ा मुक्त मतदाता सूची बनाए जाने के दावों पर सवालिया निशान लग गया है।
पिछले माह कैंट बोर्ड ने नए नियमों के तहत मतदाता सूची बनाए जाने की कवायद शुरू की। प्रत्येक निवासी से फार्म भरवाकर फोटो और आईडी प्रूफ जमा कराए गए। करीब 11 हजार अवैध निवासियों को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद तैयार मतदाता सूची पर निवासियों से दावे और आपत्तियां मांगी गईं, जिसके बाद 20 जुलाई को दावे और आपत्तियों का प्रकाशन किया गया। महज चार दिनों में 829 निवासियों ने अपने नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाने का दावा किया है। वार्ड संख्या 5 और 3 की सूची में नगर निगम के निवासियों के नाम सूची में दर्ज होने की आपत्ति दर्ज कराई है। सूत्रों के मुताबिक कैंट के कुछ निवासियों ने कैंट के अलावा नगर निगम व अन्य जगहों पर अपना निवास बना लिया है। कैंट में भी आवास होने की वजह से उन्होंने कैंट बोर्ड की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने को आवेदन किया और उनका नाम बिना सत्यापित किए जोड़ देने का आरोप है।
वार्ड संख्या 6 से 414 ने किया दावा
कैंट बोर्ड का वार्ड संख्या 6 में सैन्य क्वॉर्टर के निवासियों ने पूर्व में पहुंचे बीएलओ को फोटो आईडी प्रूफ देने से इनकार कर दिया था। साथ ही बीएलओ के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में यहां के जवानों के वोटर लिस्ट में नाम दर्ज नहीं हो सके। अब जब सूची का प्रकाशन हुआ तो नाम शामिल नहीं होने पर 414 लोगों ने नाम जुड़वाने का दावा किया है। कैंट कार्यालय अधीक्षक डॉ. पारसनाथ ने बताया कि प्राप्त दावे और आपत्तियां पर 16 अगस्त को सुनवाई होगी, जिसके बाद वोटर लिस्ट फाइनल होगी।
कहां से कितनी दावे
वार्ड संख्या संख्या
1 4
2 138
3 84
4 16
5 124
6 414
7 49
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कुल 829
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