बरेली। नगर निगम में अफसरों और मेयर के बीच चल रहा टकराव तो अब शांत होता नजर आ रहा है लेकिन कैंट बोर्ड में अफसरों और सभासदों के बीच चल रही जंग फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर बृहस्पतिवार को लखनऊ से यहां पहुंचे कैंट निदेशक एनवी सत्यनारायण भी अफसरों और सभासदों के बीच समझौता नहीं करा सके। कैंट निदेशक ने अफसरों और सभासदों को साथ बैठाकर कैंट के विकास के लिए कैंट एक्ट के प्रावधानों के तहत बीच का रास्ता खोजने का सुझाव दिया। निदेशक के सामने तो दोनों पक्ष शांत रहे लेकिन बैठक से उनके निकलते ही साफ कर दिया कि विवाद के मुद्दों पर वे अपने निर्णय नहीं बदलने जा रहे।
रक्षा संपदा मध्य कमान के निदेशक एनवी सत्यनारायण ने गुरुवार की सुबह 11 बजे कैंट बोर्ड सभागार में दोनों पक्षों के साथ बैठक की। शुरुआत दुकानों की नीलामी के प्रकरण से हुई। सभासदों ने अधिकारियों पर पहले दुकानों का रिन्यूवल न करने और अब दोबारा उनकी नीलामी का प्रस्ताव तैयार करने का आरोप लगाया। अधिकारियों ने इसे राजस्व बढ़ाने के लिए जरूरी बताया तो सभासदों ने सुझाव दिया कि पुरानी दुकानों की नीलामी के बजाय कैंट बोर्ड खाली पड़ी जमीनों पर और दुकानें बनाकर उसकी नीलामी की जा सकती है। काफी देर इस पर बहस के बाद निदेशक ने बाहर खड़े दुकानदारों को भी अंदर बुला लिया। दुकानदारों ने कैंट एक्ट में संशोधन की मांग की। निदेशक ने दुकानों की नीलामी के बजाय कैंट एक्ट में संशोधन होने तक उनका किराया बढ़ाने का निर्देश दिया। बैठक में इसके अलावा म्युटेशन, सब डिविजन, नक्शा परमीशन के नियमों के सरलीकरण, अवैध निर्माणों की कंपाउंडिंग और रिक्त पदों को भरने के मुद्दों पर भी बात हुई।
संतोष की पहल पर आए निदेशक
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने पिछले दिनों दुकानों की नीलामी के प्रस्ताव पर बोर्ड बैठक में अपनी मौजूदगी में ही चर्चा करने को पत्र लिखा था। इसके बाद संतोष गंगवार के नेतृत्व में ही सभासद और दुकानदार रक्षा मंत्री राजनाथ से दिल्ली जाकर मिले और अधिकारियों की मनमानी की शिकायतें कीं। इसके बाद रक्षामंत्री ने रक्षा संपदा मध्य कमान के निदेशक एनवी सत्यनारायण को बरेली कैंट बोर्ड का विवाद सुलझाने का निर्देश दिया था।
निदेशक से मिलने से रोका तो भड़के लोग
कैंट इलाके के तमाम लोग भी कैंट निदेशक से मिलने पहुंचे। उनकी शिकायत थी कि कैंट इलाके में विकास के काम नहीं हो रहे हैं, कैंट बोर्ड दफ्तर में भ्रष्टाचार से अलग जूझना पड़ रहा है। सुबह 11 से दोपहर ढाई बजे तक इंतजार करने के बाद भी इन लोगों को कार्यालय अधीक्षक ने रोके रखा तो वे भड़क गए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। फिर इसका वीडियो भी बनाकर वायरल कर दिया। कार्यालय अधीक्षक ने बताया कि लोगों का मांगपत्र उच्चाधिकारी को भेज दिया गया है।
सदस्यों ने निदेशक को सौंपा ज्ञापन
बैठक के दौरान वेद प्रकाश तनेजा ने निदेशक को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें दुकानों समेत बंगला नंबर 16 को खाली न कराने, जर्जर सड़कों का निर्माण कराने, शुद्ध पानी मुहैया कराने, 60 बंगलों के आउट हाउसेज में रहने वालों को बिजली-पानी देने, मोबाइल टॉवर लगवाने, बरेली क्लब गेट के रास्ते को खुलवाने, आवारा पशुओं को पकड़ने जैसी मांगें हैं। बैठक में उपाध्यक्ष शिखा नायर समेत सभासद मीता सती, राजकुमार, मदन सिंह बिष्ट, अब्दुल हमीद आदि मौजूद रहे।