कैंट के बंगला नंबर 14 का अवैध निर्माण गिराते समय वहां के लोगों ने जेसीबी पर पथराव किया। इससे चालक बाल बाल बच गया लेकिन जेसीबी का शीशा टूट गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने जैसे तैसे उपद्रवियों को नियंत्रित किया। विरोध के बावजूद 29 अवैध निर्माण गिराए गए।
बताया जा रहा है कि बंगला नंबर 14 नागरथ परिवार के नाम से है। इसमें 24 अवैध निर्माण हैं। इस बंगले का अवैध निर्माण गिराने के लिए 2007-08 में तत्कालीन डीईओ डीएन यादव ने आदेश किया था। इस पर उषा नागरथ आदि ने हाई कोर्ट से स्टे ले लिया। अभी भी इस मामले में सुनवाई शुरू नहीं हो पाई है। लिहाजा बाकी के 22 अवैध निर्माण के खिलाफ मौजूदा डीईओ एके नेमा ने अपने कोर्ट से आदेश कर दिया।
इस आदेश पर कार्रवाई के लिए डीईओ की टीम बंगला नंबर 14 पहुंची। इसमें डीईओ ने जिलाधिकारी से मदद मांगी थी। इस पर उनके साथ एसीएम प्रथम उदय वीर सिंह और थाना कैंट के दो सब इंस्पेक्टर कुछ सिपाही मय महिला पुलिस के साथ पहुंचे। इसमें जेसीबी सहित कैंट के लेबर भी शामिल थी। दोपहर दो बजे से शाम 5 बजे के बीच 18 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 29 अवैध निर्माण गिराए गए। डीईओ एके नेमा ने बताया कि इस बंगले में 24 सर्वेंट क्वाटर में जो लोग रह रहे थे उन्होंने क्वाटर के सामने अवैध रूप से अतिरिक्त निर्माण करा लिया था। इन्हीं में से 18 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसमें अशर्फी लाल, हर कुमार सिंह, सत्य प्रकाश शर्मा, श्यामा देवी, इंदर लाल, लीला देवी, उत्तम देवी, लाल मन, फूलमती, उदय वीर, आनंद सिंह, पारवती देवी, नारायण दत्त, सोम देवी, राजू, मोहन लाल, राजेश व श्रीपाल शामिल हैं।