होमगार्ड भर्ती परीक्षा के तीसरे और अंतिम दिन नियमित गाड़ियों के एसी कोचों पर भी परीक्षार्थियों ने कब्जा कर लिया। ऐन मौके पर रेलवे की ओर से चलाई गईं छह परीक्षा विशेष गाड़ियां भी नाकाफी साबित हुईं। रविवार को जंक्शन पर अराजकता जैसी स्थिति दिखी। गाड़ियों के इंतजार में सैकड़ों की संख्या में युवा नियमों को तार-तार कर रेल लाइन पर चलते नजर आए। सुरक्षा बंदोबस्त के लिए जीआरपी को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी।
ट्रेनों के दिव्यांग व महिला कोचों के साथ-साथ लगेज यान में भी ठसाठस यात्री भरे रहे। लोग दरवाजों पर लटककर और पायदन पर बैठकर यात्रा करते भी नजर आए। जंक्शन पर सिविल पुलिस की भी मदद लेनी पड़ी। विशेष के साथ नियमित गाड़ियों की लेटलतीफी के कारण हालात और भी खराब रहे। पटरियों पर भीड़ की वजह से कई ट्रेनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ी। रन थ्रू ट्रेनों और मालगाड़ियों को भी जंक्शन से एहतियात के साथ गुजारा गया। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान रोडवेज के इंतजाम धरे रह गए। सेटेलाइट और पुराने बस अड्डे पर यात्री भटकते रहे।