सोसाइटी और निजी केंद्रों पर भरपूर खाद होने का दावा मगर किसानों को नहीं मिल रही यूरिया
बरेली। सहकारी समितियों और निजी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद की आपूर्ति के दावे के बावजूद किसानों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद भरपूर मात्रा में यूरिया नहीं मिल पा रही है। खाद की कालाबाजारी और घपलेबाजी से यूरिया का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि यूरिया की जितनी जरूरत है, उससे ज्यादा आपूर्ति हो चुकी है। इसके बावजूद खाद की कमी बनी हुई है। सीबीगंज, नवाबगंज, आंवला सहित कई जगहों पर सहकारी समितियों के साथ निजी क्रय केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ लग जाती है। किसानों का कहना है कि उन्हें पूरी मात्रा में खाद नहीं मिलती है, जबकि इस समय धान, गन्ना सहित दूसरी फसलों के लिए यूरिया की सख्त आवश्यकता है। इधर, रिठौरा में एक व्यापारी के खाद की कालाबाजारी करने की शिकायत हुई है। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है। जिले में दूसरी जगहों पर भी खाद को लेकर यही हाल है।
‘अब सोसाइटी व निजी क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण है। खाद की काफी हद तक कमी को पूरा कर लिया गया है।’ - धीरेंद्र सिंह चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
‘इस वक्त खाद की काफी जरूरत है। सुबह से ही खाद खरीदने के लिए लाइन में लग जाते हैं लेकिन फिर भी पर्याप्त खाद नहीं मिल रही। खाद कहां जा रही है, इसकी कोई जांच भी नहीं हो रही।’
- रामऔतार, नवाबगंज
‘काफी समय से खाद का संकट बना हुआ है। पांच कट्टे मांगों तो दो ही दिए जाते है, जबकि इस समय फसलों को खाद की बहुत जरूरत है। ’-नारायनलाल, नवाबगंज
‘मुुझे तीन कट्टा यूरिया की जरूरत है लेकिन परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की एक दुकान पर दो कट्टे ही मिले है। खाद की कमी से फसल प्रभावित हो रही है। -कृष्णपाल, टियूलिया
अवैध भंडारण केस दर्ज करने को तहरीर
जिला कृषि अधिकारी ने कुछ दिन पहले आंवला में जय शिव खाद भंडार में चेकिंग के दौरान यूरिया का अवैध स्टॉक पकड़ा था। उस वक्त दुकान को सीलकर दिया गया था। अब कृषि विभाग की ओर से केस दर्ज कराने के लिए आंवला थाने में तहरीर दे दी गई है।
रिजर्व स्टॉक से 754 एमटी खाद की आपूर्ति की दी अनुमति
खाद की कमी को पूरा करने के लिए पूर्व भंडारण व्यवस्था के तहत प्रशासन ने आरक्षित की गई खाद में 754 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति की अनुमति दे दी है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 142 सहकारी समितियों को 1402 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति करने के साथ करीब दो सौ निजी खाद केंद्रों को भी 1823 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति कर दी गई है। इसलिए अब खाद भरपूर मात्रा में उपलब्ध है।