बरेली। आरएन टैगोर कॉलेज मंगलवार को जंग का अखाड़ा बन गया। छात्रों के एक गुट ने दो छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी। हंगामा बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन ने जैसे-तैसे मामला सुलटाया मगर छुट्टी होने पर छात्रों का गुट तमंचे लहराते हुए हास्टल गेट पर पहुंच गया। वहां फायर कर दहशत फैला दी। हास्टल में अफरातफरी मच गई। लोगों के आने से हमलावर भाग गए। हास्टल प्रशासन ने सिर्फ माफी मंगवाकर हमलावरों को छोड़ दिया।
कैंट इलाके के आरएन टैगोर कॉलेज में उत्तराखंड के रुद्रपुर निवासी किशन लाल का बेटा लोकेश नौवीं और हल्द्वानी के राज कमल का बेटा ऋषभ 11 वीं में पढ़ता है। दोनों मेजर ध्यान चंद्र स्टेडियम के ही हॉस्टल में रहते हैं और हाकी का अभ्यास करते हैं। मंगलवार दोपहर इंटरवल के दौरान यहां पढ़ने वाले कैंट के गौटिया गांव के कुछ छात्रों ने रुतबा गालिब कर लोकेश को पीट दिया। उसे बचाने आए राज कमल की भी पिटाई कर दी। मारपीट से कॉलेज परिसर में हल्ला मच गया। कॉलेज प्रबंधन ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। छुट्टी होने पर छात्रों का यह गुट हास्टल पहुंच गया। गेट पर तमंचे से दो फायर कर दिए। छात्रों ने किसी तरह छिपकर जान बचाई। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोगों के आ जाने से हमलावर भाग गए। छात्रों ने इसकी शिकायत हॉस्टल प्रभारी एमए खान से की। इस बीच हमलावरों के पक्ष के भी कई असरदार लोग आ गए और दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।
एक और छात्र को पीटा
कैंट के ही धोपा मंदिर के पास रहने वाले शुऐब ने भी हमलावर छात्रों पर पिटाई का आरोप लगाया है। छात्र की की मां का कहना है कि उसके बेटे को जान का खतरा है। उसने शुऐब के पीठ पर पिटाई के जख्म दिखाते हुए हॉस्टल प्रभारी से शिकायत की है।
कोट
कॉलेज में छात्रों में मारपीट हुई थी। गौटिया के छात्र हॉस्टल तक आ गए थे। कुछ संभ्रांत लोगों ने जिम्मेदारी लेते हुए दोनों पक्षों में फैसला करा दिया। मारपीट करने वालों ने माफी मांगी और दोनों पक्षों के छात्र आपस में गले भी मिले इसलिए रिपोर्ट नहीं लिखाई।
-एमए खान, हॉस्टल प्रभारी