बगैर बताए स्थान बदलने से परेशान लोगों ने पार्षद से किया संपर्क, टीम से हुई नोंकझोंक
बरेली। टीकाकरण अभियान पर बुधवार को चीटियां भारी पड़ गईं। चीटियों को हटाने के बजाय स्वास्थ्यकर्मियों ने टीकाकरण शिविर का स्थान ही बदल दिया। पूर्व निर्धारित जगह बदलने की जानकारी सार्वजनिक न होने से टीका लगवाने पहुंचे लोग भटकते रहे। पार्षद से संपर्क किया तो पता चला कि पड़ोस के घर में शिविर लगा है।
शासन के निर्देश पर मेगा वैक्सीनेशन कैंप के लिए क्लस्टर में टीकाकरण अभियान का जिले में ट्रायल चल रहा है। करीब चार दिनों से शहर और ग्राम पंचायतों में अलग-अलग स्थान पर शिविर लगाकर लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने और इच्छुक लोगों को तत्काल वैक्सीन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत हरुनगला में पूर्व माध्यमिक विद्यालय, काली मंदिर, ममता आश्रम और यूपीएचसी पर टीकाकरण के लिए शिविर लगे। बृहस्पतिवार को भी निर्धारित स्थान पर कैंप लगने थे, लेकिन पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरुनगला में टीकाकरण कैंप नहीं लगा। एएनएम ममता सक्सेना, तृप्ता ने बताया कि विद्यालय में पेड़ से काली चीटियां गिर रही थीं। जिसकी वजह से स्थान बदलना पड़ा। विद्यालय परिसर में ही अन्य कहीं शिविर लगाने के सवाल पर तर्क दिया कि गंदगी के चलते बैठने के लिए साफ सुथरी जगह नहीं मिल रही थी।
स्थान बदलने का नहीं चस्पा किया नोट
अमर उजाला की टीम मौके पर पहुंची तो वहां स्थान बदलने के बाद शिविर कहां लगा इसका कोई नोट विद्यालय में दर्ज नहीं मिला। जिस घर में कैंप लगाया था, वहां पर बैनर, पोस्टर नहीं थे। छोटे से कमरे में टीका लगाया जा रहा था। जहां दो गज की दूरी नहीं दिखी और गर्मी के चलते लोगों ने मास्क हटा रखे थे। स्थान की जानकारी न होने से ज्यादातर लौट गए। पार्षद से संपर्क करने वाले लोग ही टीका लगवाने के लिए पहुंच सके।
पार्षद से हुई कहासुनी, जताई नाराजगी
हरुनगला के पार्षद नरेश शर्मा ने बताया कि शिविर में टीका लगवाने पहुंचे कई लोगों ने कॉल कर उन्हें विद्यालय में शिविर नहीं लगे होने की जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने टीम से संपर्क किया तो पता चला कि पास के एक घर में कैंप लगा है। इसपर उन्होंने टीम पर कड़ी नाराजगी जताई।
जायसवाल मोहल्ला में स्थिति रही सामान्य
हरुनगला के काली मंदिर पर टीकाकरण शिविर लगाया जाना था, लेकिन अमर उजाला की टीम मौके पर पहुंची तो लोगों ने बताया कि कैंप जायसवाल मोहल्ला में लगा है। वहां पहुंचे तो रोड के किनारे पेड़ के नीचे कैंप लगा मिला। महिलाओं को वैक्सीन लग रही थी। एएनएम भावना, सिंधुजा, शालू, सविता ने बताया कि मंदिर में बुधवार को कैंप लगा था, इसलिए बृहस्पतिवार को स्थान बदलने के साथ ही लोगों को बता दिया था।
‘पूर्व माध्यमिक विद्यालय में काफी जगह थी। कहीं भी शिविर लगा सकते थे। बगैर बताए स्थान बदला दिया और कमरे में शिविर लगा लिया। जिससे संक्रमण की फैलने की आशंका है।’ - राम सिंह यादव, हरुनगला
‘अगर टीम को कोई असुविधा थी तो मुझसे संपर्क करना था। बगैर सूचना दिए स्थान बदलने से कई लोग बगैर वैक्सीन लगवाए ही लौट गए। योजना को टीम पलीता लगा रही है।’ - नरेश शर्मा, पार्षद
‘काली मंदिर के पास पहले शिविर लगा था। बृहस्पतिवार को स्थान बदला तो इसकी जानकारी टीम ने दे दी थी। मैंने, बेटे और बहू ने जायसवाल मोहल्ला पहुंचकर वैक्सीन लगवा ली।’ - रामवती, हरुनगला
शासन की महत्वाकांक्षी योजना पर चीटियों का
हरुनगला में चल रहे मेगा वैक्सीनेशन कैंप बना मजाक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लगाया जाना था कैंप, मगर स्वास्थ्यकर्मियों ने पेड़ से चीटियां गिरने की बात कहकर बदल दिया शिविर का स्थान, पास ही के एक घर में लगाया शिविर, विद्यालय पहुंचने वाले तमाम लोग वापस लौट गए, पार्षद ने स्वास्थ्यकर्मियों पर जताई नाराजगी, अन्य केंद्रों की पड़ताल और लोगों से बातचीत।