बरेली। लकड़ी व्यापारी की पत्नी बताई जा रही बियावानी कोठी के पास खुर्रम गौटिया में मारी गई प्रियंका उर्फ पूजा गुप्ता कॉलगर्ल रैकेट से जुड़ी थी। दो साल पहले ग्रीन पार्क से तीन अन्य महिलाओं के साथ उसे पकड़ा गया था और तब वह पल्लवी के नाम से जेल गई थी। एक दिन पहले तक अपने को प्रियंका का पति बता रहा अजय गुप्ता अब मान रहा है कि वह पति नहीं है बल्कि वह उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहता था। कैंट के एक शादी हाल के मैनेजर समेत तमाम सियासी लोगों के भी प्रियंका से संबंध थे। प्रियंका भाजपा का झंडा लगी कार से चलती थी और राजनीतिक लोगों से भी उसका मिलना जुलना था। पुलिस इन तमाम तथ्यों के सामने आने के बाद नए सिरे से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम में हत्या चार दिन पहले होने की बात स्पष्ट होने के बाद अजय की कहानी भी गलत साबित हुई है। फिलहाल, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उसकी हत्या किसने और क्यों की।
सीबीगंज के खलीलपुर गांव में किराए के मकान में रहने वाली प्रियंका की शादी करीब दस साल पहले दिल्ली के मड़ावली हसनपुर डिपो इलाके में रहने वाले सत्यप्रकाश गुप्ता के साथ हुई थी। शादी के बाद से प्रियंका और सत्यप्रकाश में नहीं बनी। प्रियंका के बेटी-बेटा पैदा हुए थे। बेटी की बीमारी से मौत हो गई। बेटे को सत्यप्रकाश ले गया। इसके बाद प्रियंका अजय के रिश्ते के भाई सचिन के साथ रहने लगी। प्रियंका के हाई प्रोफाइल लाइफ स्टाइल से परेशान होकर सचिन ने भी उसे छोड़ गया। सचिन के चले जाने पर अजय उसके साथ रहने लगा। अजय पहले से ही शादीशुदा था। अजय के प्रियंका के साथ रहने के दौरान उसके परिवार में भी आए दिन क्लेश होता था। अजय के साथ रहने पर भी प्रियंका का जीने का अपना ही अंदाज था। आए दिन फिल्म देखना और शॉपिंग करना उसकी आदत में शुमार था। एसपी सिटी समीर सौरभ ने बताया कि किसी करीबी ने ही प्रियंका की हत्या की है। मामले की छानबीन की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही घटना का खुलासा हो जाएगा।