बरेली। बीबी जा मस्जिद, बिहारीपुर स्थित मदरसा दारुल उलूम मजहर-ए-इस्लाम में कार्यक्रम के दूसरे दिन दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मदरसे के 20 मुफ्ती, 20 आलिम फाजिल, 15 कारी, छह हाफिजों की दस्तारबंदी कर सनद के साथ सम्मानित किया गया।
इस मौके पर जलसे को खिताब करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि जिन तलबा ने डिग्री हासिल की है वो अपनी तालीम के जरिए लोगों की खिदमत करेंगे और लोगों जागरूक करेंगे।
जलसे को मुफ्ती सगीर अहमद बरकाती, मौलाना मुशाहिद रजा सैफी मियां, सैयद शोएब मियां, मुफ्ती कमर रजा हाफिज दानिश, मुफ्ती नईम, मुफ्ती शकील आदि ने खिताब किया। पूर्व में जलसे की शुरुआत तिलावत-ए-कलाम पाक से हुई। जलसे की सदारत मौलाना मुशाहिद रजा सैफी मियां ने की।
दस्तार-ए-फजीलत के मौके पर मुफ्ती शहजाद आलम ने आला हजरत के मिशन पर चलने की नसीहत की। मौलाना इमरान रजा, हस्सान रजा, हाफिज अजीम रजा, अरमान रजा सहित बड़ी तादाद में अकीदतमंद मौजूद रहे। संवाद