प्रशासन ने देर रात तक जारी नहीं की नई गाइडलाइन, व्यापारी नेता रहे परेशान
बरेली। शासन ने बाजार में पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है, इसके तहत अब सामान्य तौर पर दुकानें खुलेंगी। इसकी जानकारी मिलते ही व्यापारी नेताओं ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर गाइडलाइन जारी का आग्रह किया लेकिन देर रात तक अफसरों ने कोई फैसला नहीं लिया। व्यापारी इस रवैये से हैरान और परेशान हैं। हालांकि उन्होंने सरकार द्वारा लिए गए फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और बाजार से सुस्ती दूर होगी।
सरकार ने पुरानी व्यवस्था लागू कर दी है। इससे बाजार में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। करीब पांच माह में विभिन्न रोस्टरों से व्यापारी परेशान थे। सरकार ने उनकी समस्याओं को देखते हुए व्यापार हित में अच्छा कदम उठाया है। स्थानीय प्रशासन ने देर रात तक कोई फैसला नहीं लिया। ऐसा उचित नहीं है।- पवन अरोरा, सदस्य व्यापारी कल्याण बोर्ड
यह व्यापार हित में बेहतर कदम है, क्योंकि बाजार में पहले से ही मंदी छायी हुई है। मलमास और पितृपक्ष में खरीदारी वैसे ही कम हो जाती है, इसलिए पुरानी अवकाश व्यवस्था शुरू होने से गतिविधियां बढ़ेंगी। स्थानीय स्तर पर गाइडलाइन नहीं जारी होने से व्यापारी असमंजस मेें हैं। - राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय महामंत्री उद्योग व्यापार मंडल
व्यापार हित में रविवार को लॉकडाउन की व्यवस्था सरकार ने खत्म कर दी है। इससे बाजारों से सुस्ती दूर होगी और कारोबार फिर से दौड़ेगा। प्रशासन ने इसके आदेश जारी किए हैं इसलिए भ्रम बना हुआ है। कई माह से परेशान व्यापारी अब सामान्य तौर से दुकानें खोल सकेंगे। - केके चंदानी, व्यापारी नेता
सरकार ने सही फैसला लिया है। पांच माह से कारोबारी परेशान थे। नई व्यवस्था से व्यापार में तेजी आएगी। पुरानी व्यवस्था लागू होने का स्वागत है। प्रशासन भी तुरंत आदेश जारी कर देता तो अच्छा रहता। हम काफी से मांग भी कर रहे थे।- सरदार महेंद्र सिंह, व्यापारी
पांच माह से कारोबार चौपट है। पुरानी व्यवस्था से बाजार खुलने पर बाजार में रौनक आएगी। हालांकि इन दिनों बाजार में ग्राहक ही नहीं है। उन्हें आकर्षित करने के लिए डिस्काउंट सेल शुरू हो गई है। प्रशासन तुरंत इसका आदेश कर देता तो ज्यादा बेहतर होता।- नरेंद्र गुप्ता पप्पू, गारमेंट व्यापारी
सरकार ने अच्छा और स्वागत योग्य फैसला किया है। इन दिनों बाजार में मंदी में है, लेकिन अक्तूबर से सुस्ती दूर होने की उम्मीद है, क्योंकि दशहरा और दिवाली आदि त्योहार भी शुरू होंगे। प्रशासन ने जाने क्यों व्यापार हित में गाइडलाइन जारी नहीं की है।- श्याम कपूर, व्यापारी
अभी तक रविवार में बाजार बंद रहता था। इससे अपेक्षित व्यापार नहीं हो पा रहा था, क्योंकि नौकरीपेशा को रविवार अवकाश के दिन ही खरीदारी का मौका मिलता है। रविवार को लॉकडाउन रहने से व्यापार असंतुलित हो गया था। नई व्यवस्था से बाजार में चमक लौटेगी। - दीप अग्रवाल, सराफ