132 भवन जर्जर, दुकानें संचालित
कोतवाली से कोहाड़ापीर तक जाने वाले मार्ग में जिला अस्पताल स्थित है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल तक पहुंचते हैं, लेकिन अतिक्रमण के कारण उन्हें कोतवाली से अस्पताल तक आने में 20 मिनट से भी अधिक का समय लगता है, जबकि दूरी चंद कदमों की है। अगर अस्पताल में आगजनी होती है तो अतिक्रमण के चलते दमकल विभाग की गाड़ियों को अस्पताल तक जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। दूसरी ओर नगर निगम के रिकॉर्ड में 132 भवन जर्जर घोषित हैं। इसके बावजूद साहू गोपीनाथ बालिका इंटर कॉलेज के सामने बनी लाला लाजपत राय बाजार में कई दुकानें संचालित हो रही हैं, जबकि नगर निगम ने इस बाजार में बने भवनों को जर्जर की सूची में डालकर दुकानदारों को नोटिस भी पूर्व में जारी किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सीन एक
आग के मुहाने पर शास्त्री मार्केट, नहीं चेत रहे जिम्मेदार
शहर के शास्त्री मार्केट में बड़े पैमाने पर दवा कारोबार होता है। अगर यहां आग भड़कती है तो दमकल की गाड़ियां पहुंचना तो दूर चार पहिया वाहन से भी कोई नहीं पहुंच सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 15 साल पहले यहां शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी, जिसमें लाखों का सामान जलकर राख हो गया था।
सीन दो
बहुमंजिला इमारतों में बने आरामगाह
पुराने रोडवेज के सामने इलेक्ट्राॅनिक का सबसे प्रमुख बाजार है। यहां बहुमंजिला भवनों में बड़ी संख्या में गेस्ट हाउस बने हुए हैं। इन गेस्ट हाउस में जाने के लिए सिर्फ एक ही प्रवेश द्वार है। ये इतना संकरा है कि इसमें दो व्यक्ति एक साथ नहीं गुजर सकते। आगजनी होने पर तो दमकल के वाहन इनके आसपास भी नहीं पहुंच सकेंगे।
सीन तीन
संकरी गलियों में वर्षों से हो रहा कारोबार
बड़ा बाजार की कई दुकानें ऐसी गलियों में हैं, जहां लोग पैदल ही जा सकते हैं। इन दुकानों की छतों से एचटी लाइन गुजर रही है। ऐसे में आग भड़कने की आशंका सर्वाधिक है। दुकानों में फायर सिलिंडर तक नहीं है।
सीन चार
गलियों में बना लिए गेस्ट हाउस, मानक हवा
सुभाष नगर पुलिया से रेलवे जंक्शन की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर कई गलियां हैं। यहां तमाम गेस्ट हाउस भी मानकों की अनदेखी कर बना लिए गए हैं। यहां आग से निपटने के इंतजाम के नाम पर सिर्फ एक या दो फायर सिलिंडर लगे हुए हैं। अन्य क्या सुरक्षा मानक हैं इसकी जानकारी संचालकों को भी नहीं है।
आग बुझाने के लिए पानी के स्रोत नहीं
सीएफओ मनु शर्मा ने बताया कि कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को हुई व्यापारी बंधु की बैठक में मुद्दा उठाया गया कि शहर के कई बाजार ऐसे है जहां संकरी गलियों में दुकानें हैं, लेकिन यहां आग बुझाने के लिए पानी के स्रोत नहीं है। सीएफओ के मुद्दे का तत्काल संज्ञान लेते हुए एडीएम सिटी ने व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
जर्जर इमारत में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी किया गया है। तय समय सीमा में जवाब तलब किया जाएगा। निगम के नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त