बरेली। त्योहार के सीजन में हर कोई खरीददारी का लंबाचौड़ा प्लान तैयार किए बैठा है। बाजार में तो जबर्दस्त भीड़भाड़ है ही, भारी छूट के चक्कर में ई कॉमर्स वेबसाइटों पर भी बड़े पैमाने पर खरीददारी हो रही है। कपड़ों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान तक के लिए ताबड़तोड़ ऑर्डर बुक कराए जा रहे हैं। ख्याल रखने की बात यह है कि भारी छूट का झांसे में आप कहीं किसी फर्जी वेबसाइट पर लुट न जाएं। दरअसल त्योहारों के इस दौर में फर्जी वेबसाइट और फर्जी ऑफर की भी भरमार है जो साइबर ठगी में माहिर हैं। क्लोन वेबसाइट भी आपको शिकार बना सकती हैं।
साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि त्योहारों के इस मौसम में पांच सौ ज्यादा ऐसी फर्जी वेबसाइट सक्रिय हैं जिनके नाम नामी-गिरामी ई-कॉमर्स कंपनी से मिलते-जुलते हैं। इनके होमपेज भी बड़ी वेबसाइट से मेल खाते हैं। इन फर्जी वेबसाइट पर ज्यादातर उन लोगों को शिकार बनाया जाता है जो जल्दबाजी में खरीददारी करना चाहते हैं या फिर पहली बार ऑनलाइन खरीददारी में हाथ आजमाना चाहते हैं। दिवाली के सीजन के बहाने इन वेबसाइटों पर सेल के नाम पर बंपर छूट की घोषणा की जा रही है। खासतौर से कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर 50 से 70 फीसदी छूट तक के ऑफर हैं। इन पर ऑर्डर के बाद सामान तो मिलना मुश्किल ही है, खाते से रकम गायब हो जाने का भी का खतरा है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन साइबर क्राइम एंड साइबर लॉ के चेयरमैन अनुज अग्रवाल के अनुसार त्योहारी सीजन में हर बार साइबर ठग फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं। इन दिनों ऐसी ही करीब पांच सौ ई-कॉमर्स साइट एक्टिव हैं, जिनपर भरोसा नहीं किया जा सकता। यहां यूजर्स फर्जीवाड़े का शिकार हो सकते हैं। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एसएस बेदी के अनुसार फर्जी वेबसाइट और फर्जी मोबाइल एप बनाना आसान है। त्योहारी सीजन में साइबर ठग क्लोन वेबसाइट का भी सहारा लेते हैं। ऐसे में सतर्क होकर ही ऑनलाइन खरीदारी करें।
एक्सपर्ट टिप्स: ध्यान से पढ़ें वेबसाइट की स्पेलिंग
- एक्सपर्ट के अनुसार इन दिनों फर्जी वेबसाइट और फर्जी ऑफर का झांसा देकर ठगी की जा रही है। अगर कोई अप्रत्याशित ऑफर दे रहा है तो कंपनी की वेबसाइट पर एक बार देख जरूर लें।
- फर्जी लिंक भेजकर बंपर ऑफर दिया जाता है। लिंक को खोलते ही आप उनकी बनाई वेबसाइट पर पहुंच जाओगे। इससे वह आपके मोबाइल या कंप्यूटर की सारी जानकारी स्कैन कर सकते हैं। व्हाट्सएप या फेसबुक पर इस तरह यूआरएल लिंक पहुंचे तो उसको न खोलें इसमें वायरस और मेलवेयर होते हैं।
- क्लोन वेबसाइट बनाकर भी फर्जीवाड़े हो रहे हैं। आपको पता ही नहीं चलेगा कि सेल वाली वेबसाइट ओरिजनल या क्लोन। वेबसाइट की स्पेलिंग ध्यान से पढ़ लें।
- खतरनाक मोबाइल एप के लिंक आपके मोबाइल पर पहुंचते हैं। अगर इनको डाउनलोड किया तो मोबाइल की जानकारी स्कैन हो जाएगी। इसमें ऐमीडेस्क नाम का एप ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है।
- अनजान वेबसाइट से खरीदारी करने पर आपको खराब सामान भी सप्लाई किया जा सकता है।
- जिस मोबाइल से आप खरीदारी या पैसोें का लेनदेन करते हों उस पर पोर्न वेबसाइट बिल्कुल न खोलें।
नामचीन वेबसाइट पर जाएं तो बेहतर
- नामचीन वेबसाइट पर ही खरीदारी करें। सेल और ऑफर की जांच जरूर कर लें। अपने क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी उस वेबसाइट पर सेव न करें। हो सके तो पैमेंट ऑन डिलिवरी का विकल्प अपनाएं। जिस ऑफर का लिंक आए उस पर जाने से बचें।