गणतंत्र दिवस पर किसानों के आंदोलन को देखते हुए रोडवेज ने दिल्ली के लिए बसें नहीं चलाई। एक दिन पहले जो बसें गई थी, वे भी गाजियाबाद से खाली लौट आईं। रोडवेज को इससे काफी नुकसान हुआ है। दिल्ली के लिए चलने वाली छह ट्रेनों में भी मंगलवार को सिर्फ दो सौ यात्रियों ने यात्रा की।
किसानों ने कई दिन पहले ही गणतंत्र दिवस में दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने का एलान किया था। मंगलवार को सुबह से ही आनी किसानों के उपद्रव की खबरें शुरू हुईं तो दिल्ली के लिए लगी रोडवेज बसों को यात्री मिलने बंद हो गए। एक दिन पहले जो बसें दिल्ली रवाना हुई थीं, वे भी दिल्ली जाने के बजाय गाजियाबाद से ही लौट आईं। इनमें से भी ज्यादातर बसें खाली आईं। बता दें कि बरेली डिपो, रुहेलखंड, पीलीभीत, शाहजहांपुर डिपो की सौ से ज्यादा बसें रोजाना दिल्ली जाती हैं। मगर मंगलवार को दिन में भी दिल्ली के लिए कोई बस नहीं गई।
उधर, जंक्शन से दिल्ली की ओर आला हजरत, सत्याग्रह, लखनऊ मेल, श्रमजीवी आदि ट्रेनों को कुल मिलाकर बमुश्किल दो सौ यात्री ही मिले। रोडवेज के एडीआरएम चीनी प्रसाद ने बताया कि दिल्ली रूट पर बसें न चलने से राजस्व का खासा घाटा हुआ है।