परिवहन निगम प्रदेश भर में अनुपयोगी 19 बस अड्डों की जमीन बेचेगा। इनमें बरेली परिक्षेत्र के नवाबगंज का बस अड्डा भी शामिल है। निगम ने जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि शासन से इन स्थानों पर नए बस स्टेशन बनाने का आदेश नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के उन्नीस बस अड्डे बेकार पड़े हैं। खाली पड़ी रहने से इनकी बिल्डिंग जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। इनमें बरेली का एक, मथुरा के चार और आगरा के दो बस स्टेशन शामिल हैं। घनी बस्ती के बीच होने से इन अड्डों पर रोडवेज बसों का आना जाना वर्षों पहले से बंद है। अकेले नवाबगंज (बरेली) के बस अड्डे की जमीन 4170 वर्गगज है। यदि इसकी कीमत दस हजार रुपये प्रति वर्गगज ही मान ली जाए तो इसकी कुल रकम चार करोड़ से भी अधिक होगी। सारे अनुपयोगी बस अड्डों को देखा जाए तो रोडवेज की बेकार पड़ी जमीन अरबों की होगी।
यहां नवाबगंज का बस अड्डा बिजौरिया स्टेशन को जाने वाले रोड के सामने है, जो कस्बे का व्यस्ततम इलाका है। पश्चिम में कस्बे की मुख्य सड़क होने के साथ मार्केट है। तीन ओर घनी बस्ती है। रोडवेज की इस जमीन को कामर्शियल या कॉलोनी दोनों तरह से प्रयोग किया जा सकता है।
इन बस अड्डों की बेची जाएगी जमीन
नवाबगंज, सफेदाबाद, बाराबंकी, उजियार घाट, गाजीपुर, कौड़ीराय, गोरखपुर, खलीलाबाद, संत कबीर नगर, मुखलितपुर (संत कबीर नगर), बारा (कानपुर देहात), खसौली, फतेहपुर, मुरादगंज, औरैया, राजपुर (औरैया), राया (मथुरा), छाता (मथुरा), फरह (मथुरा), कोसी (मथुरा), शमशाबाद (आगरा), गुरुताल (आगरा), फीफा (बिजनौर), सिरसी (संभल), गजरौला (पुराना बस स्टेशन), ज्योतिबाफुले नगर (अमरोहा)।
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नवाबगंज बस अड्डे की जमीन बेचने का शासन का आदेश मिला है। इसका टेंडर भी जारी कर दिया गया है। नवाबगंज में नया बस अड्डा बनाने संबंधी अभी कोई शासनादेश नहीं है। -- एसके शर्मा, आरएम रोडवेज बरेली परिक्षेत्र