अतिक्रमण पर लगाया लाल निशान
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कई बार दिए गए नोटिस, लाल निशान भी लगाए
रेलवे की भूमि पर निर्माण कराने वाले लोगों को कई बार नोटिस दिए गए। लाल निशान भी लगाए गए, लेकिन लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। ईंट पजाया से माधोबाड़ी तक अस्थाई अतिक्रमण था। तमाम लोगों ने यहां झोंपड़ी बना ली थी। इसके आगे रामायण वाटिका मंदिर तक संपन्न लोगों ने भी अतिक्रमण कर गैराज, गार्डन बना लिए। कई स्थानों पर मकान भी आगे बढ़ाकर बना लिए गए थे। यह अवैध निर्माण मंगलवार को ढहा दिए गए।
बुलडोजर से ढहाया गया अतिक्रमण
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ईंट पजाया से इज्जतनगर तक प्रस्तावित है भूमि पर विकास
आरएलडी ने श्यामगंज रेलवे स्टेशन से इज्जत नगर तक रेलवे की निष्प्रयोज्य भूमि को विकसित करने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) से 2022 में प्रस्ताव मांगा था। बीडीए ने रेलवे की भूमि का सर्वे कराया तब पता लगा कि रेल लाइन की चौड़ाई 15 मीटर है। इसके अलावा भी हॉल्ट और रेलवे स्टेशन की काफी भूमि है। यहां भी कब्जा हो चुका है। बीडीए ने ईंट पजाया से इज्जत नगर रेलवे क्रॉसिंग तक पुरानी निष्प्रयोज्य रेल लाइन पर सड़क निर्माण समेत अन्य कार्यों का प्रस्ताव आरएलडी को भेज दिया, लेकिन इसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।