चेन्नई-बंगलूरू जैसे हालात से बचने की कवायद
बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि अक्सर मास्टर प्लान में सिर्फ जमीनों के सौदों और दुकानों-मकानों की बात होती है, लेकिन बरेली की महायोजना-2031 में नदियों के प्राकृतिक बहाव को सुरक्षित रखकर 33 फीसदी ग्रीन बेल्ट विकसित करना दूरदर्शी कदम है। यह योजना भविष्य में बरेली को चेन्नई व बंगलूरू जैसी खतरनाक शहरी बाढ़ के संकट से सुरक्षित रखेगी।
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि रामगंगा व नकटिया नदियों के आसपास मानचित्र स्वीकृति में विभागीय दिशा-निर्देशों व सुरक्षा मानकों का अनुपालन किया जा रहा है। बीडीए का जोर नदी के बाढ़ क्षेत्र में बगैर प्लानिंग के निर्माण को रोकने व निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही विकास गतिविधियों को मंजूरी देने पर है।