बरेली। पूरे प्रदेश में 15 साल बाद जनगणना-2027 के प्रथम चरण में स्वगणना बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। इसमें शाहजहांपुर पहले, आजमगढ़ दूसरे व बरेली तीसरे स्थान पर है। अब प्रगणक शुक्रवार से दरवाजे पर दस्तक देंगे और भवन गणना से जुड़े 33 सवाल पूछेंगे। इसके तहत 10 हजार प्रगणकों व 1250 सुपरवाइजरों का लगाया गया है। प्रशासन की तरफ से देरशाम तक चार्ज अधिकारियों के पास से ड्यूटी का वितरण किया जाता रहा।
स्वगणना के तहत सात मई से 21 मई तक लोगों ने मोबाइल व लैपटॉप के जरिए पोर्टल पर जाकर भवन गणना की जानकारी दी। इसमें पहले स्थान पर शाहजहांपुर में 3.05 लाख, दूसरे नंबर पर आजमगढ़ 2.86 लाख, तीसरे स्थान पर बरेली में 2.82 लाख लोगों स्वगणना हो सकी। इस दौरान जिन लोगों ने स्वगणना नहीं की, उनके लिए 22 मई से प्रगणकों की टीम घर-घर जानकारी जुटाएगी। यह 20 जून तक चलेगा। इसमें करीब 12 से 13 लाख भवनों की गणना कराई जाएगी, एक प्रगणक को 150 से 180 भवनों की गणना करनी है। छह प्रगणकों की निगरानी के लिए एक सुपरवाइजर लगाए गए हैं। भवन गणना की फाइनल रिपोर्ट जुलाई व अगस्त में प्रकाशित की जाएगी।
जिले में 10 हजार प्रगणकों में से करीब सात हजार ड्यूटी पत्र ले चुके हैं। यह ड्यूटी इनको अपने क्षेत्र के चार्ज अधिकारी से लेनी है। जिले में कुल 30 चार्ज अधिकारी बनाए गए हैं। तहसील में तहसीलदार, निकायों में ईओ, नगर निगम को चार जोन में बांटकर चार चार्ज अधिकारी, कैंटोनमेंट बोर्ड में मुख्य कार्यकारी अधिकारी को चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। ड्यूटी करने वाले प्रगणकों व सुपरवाइजरों को 25-25 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
प्रशासन ने इस महाभियान को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए जनगणना को दो मुख्य हिस्सों में बांटा है। पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चलेगा, इस अवधि में प्रगणक केवल मकानों की लिस्टिंग करेंगे। इस दौरान घर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। दूसरा चरण नौ फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा। अगले साल फरवरी महीने में नागरिकों की वास्तविक गिनती का काम शुरू होगा। जिसमें 31 मार्च को जनगणना का फाइनल प्रकाशन होगा।
जनगणना के क्रम में भवन गणना की प्रक्रिया के लिए शुक्रवार से प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे। वह लोगों से 33 सवाल पूछेंगे। एक प्रगणक को आसानी से एक माह के अंदर 150 से 180 भवनों की गणना करनी होगी। इसको आसानी से सुबह-शाम कर सकते हैं। काम करने पर सम्मानजनक मानदेय भी दिया जाएगा। - संतोष कुमार सिंह, जिला जनगणना अधिकारी