बरेली। नगर निगम के बोर्ड हाल में कार्यकारिणी की मंगलवार को मेयर की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए चार सौ करोड़ का बजट मंजूर किया गया। इसमें कच्ची गलियों को पक्का कराने पर फोकस किया गया है। इसके लिए 50 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है। नगर निगम की आय में बढ़ोतरी उपायों पर भी चर्चा की गई। तय हुआ है कि मास्क न लगाने पर 250 और सड़क पर थूकने पर 300 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
चर्चा के दौरान कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए जलकल के बजट में दो करोड़ रुपये का इजाफा किया गया। ऐसा शहर में सैनिटाइजेशन के काम को बिना किसी रुकावट के कराए जाने के लिए किया गया है। माना जा रहा है कि दिसंबर तक शहर में लगातार सैनिटाइजेशन कराना पड़ सकता है। मलिन बस्तियों में सड़क निर्माण, कच्ची गलियों का पक्का कराने के लिए पिछले बजट के मुकाबले 10 करोड़ की बढ़ोत्तरी के साथ 50 करोड़ का बजट जारी किया गया। बिजली के समायोजन में 21 करोड़ के अलावा कान्हा गोशाला का बजट 50 लाख से बढ़ाकर अब दो करोड़ कर दिया गया है।
नगर निगम की आय बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की गई। इसके लिए सहायक आयुक्त अजीत कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में आगे भी बैठकें की जाएंगी। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने कहा कि वह निगम के बकायेदार सरकारी विभागों से वसूली के लिए नोटिस जारी कराएंगे।
पार्षद ने निर्माण कार्यों को लेकर उठाए सवाल
पार्षद रईस मियां अब्बासी ने निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठाए। कहा, पार्षदों को मुहर की तरह प्रयोग किया जा रहा है। इसको लेकर तीखी बहस भी होने लगी, कुछ देर बाद मेयर और नगर आयुक्त ने पार्षदों को उनके सुझाव से काम कराने का आश्वासन देकर शांत कराया, जबकि अधिकांश पार्षदों ने निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय सिंह चौहान पर निविदा और सड़कों के निर्माण में देरी का आरोप लगाया। कुछ पार्षदों ने तो यहां तक कह दिया कि अगर वादा पूरा नहीं किया गया तो इसके बाद होने वाली बैठक में निंदा प्रस्ताव लाएंगे।
31 मार्च तक सड़कें हो जाएंगी पक्की
मेयर ने कहा कि शहर में करीब एक हजार सड़कें कच्ची हैं। उनके लिए बजट जारी कर दिया है। सड़कों को पक्का कराने के लिए 31 मार्च, 2021 तक का लक्ष्य रखा है। इस अवधि में टेंडर जारी कर हर हाल में इन सड़कों को पक्का करा दिया जाएगा।
180 टेंडर न होने का मुद्दा उठाया
पार्षद रईस अब्बासी समेत अन्य ने 180 टेंडरों का मुद्दा भी उठाया। कहा, फरवरी में 180 टेंडर होने थे, लेकिन इन्हें बेवजह रोक दिया गया। ये टेंडर अब तक क्यों नहीं हुए? इस पर एक्सईएन से जवाब मांगा गया है कि टेंडर अब तक क्यों नहीं हुए हैं। मेयर ने कहा कि यदि कोई अधिकारी यह कहता है वहां काम होने की स्थिति नहीं थी तो इसकी भी जांच कराई जाएगी।
जब राशन नहीं देगा निगम तो सर्वे क्यों करा रहा
बैठक के दौरान पार्षदों ने राशन कार्ड सर्वे का मुद्दा भी उठाया। कहा, शहर में जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनका सर्वे निगम की ओर से कराया जा रहा है। क्या निगम के पास इतना पैसा है कि वह उन्हें राशन उपलब्ध करा सके? जब निगम राशन उपलब्ध नहीं कराएगा तो सर्वे क्यों कराया जा रहा है। लोग पार्षदों से इस बारे में पूछ रहे हैं, इसका उनके पास कोई जवाब नहीं है।
सफाई नायक के खिलाफ जांच के आदेश
कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक सफाई नायक राशन कार्ड बनवाने के नाम पर पैसे मांग रहा था। इस मुद्दे को पार्षदों ने उठाया तो मेयर ने सफाई नायक के खिलाफ चीफ सेनेट्री इंस्पेक्टर को जांच सौंप दी।