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ऑक्सीजन के लिए मारामारी, बदायूं से बरेली तक आ रहे लोग

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ऑक्सीजन के लिए मारामारी
दूसरे जिलों से आ रहे लोग
सप्लायरों का डॉक्टर के पर्चे के बगैर ऑक्सीजन देने से इनकार
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। ऑक्सीजन के लिए मारामारी मची हुई है। लोगों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं लेकिन फिर भी उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। सबसे अधिक दिक्कत होम आइसोलेशन में गए मरीजों को हो रही है।
शहर के सभी ऑक्सीजन सप्लायरों के यहां लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई हैं। पहले कोई भी खाली सिलिंडर लेकर पहुंच रहा था तो उसे आसानी से ऑक्सीजन मिल जाती थी मगर अब ऐसा नहीं है। सप्लायरों ने एक नोटिस भी बोर्ड पर लगा दिया है जिस पर लिखा है कि ऑक्सीजन लेने के लिए डॉक्टर से पर्चा लिखाकर आएं तभी ऑक्सीजन दी जाएगी।
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बदायूं में भी कहीं ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। बदायूं से एक युवक आशीष चौहान सुबह ही बरेली पहुंच गया था। कई जगह तलाश करने पर भी उसे ऑक्सीजन नहीं मिली। उसने बताया कि उसके पिता होम आइसोलेशन में है। उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है। एक सिलिंडर चार घंटे में खत्म हो रहा है। बदायूं में कहीं भी ऑक्सीजन न मिलने पर वह यहां आया है। यहां भी उसे ऑक्सीजन नहीं मिल सकी है।
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कोविड अस्पताल में बेड
की किल्लत बरकरार
बरामदे में बेंच-कुर्सी पर बैठकर ऑक्सीजन लेने को मजबूर लोग
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। तीन सौ बेड अस्पताल में बेड की किल्लत बनी हुई है। तमाम मरीजों को यहां बेड नहीं मिल पा रहे हैं। लोग मजबूरी में अब भी फर्श, बेंच और कुर्सी पर बैठकर ऑक्सीजन ले रहे हैं।
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तीन सौ बेड अस्पताल में अब तक जिला प्रशासन पर्याप्त बेड की व्यवस्था नहीं कर पाया है। कागजों में ही सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त बनी हुई हैं। बुधवार को शहर के सुभाषनगर, पवन विहार समेत कई जगहों से लोग भर्ती होने तीन सौ बेड अस्पताल पहुंचे। सभी का ऑक्सीजन स्तर कम हो रहा था। स्टाफ ने सभी को कोविड वार्ड के बरामदे में ही ऑक्सीजन लगा दी लेकिन उन्हें बेड मुहैया नहीं करा पाया। कुछ मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें ड्रिप लगा दी गई थी। ड्रिप स्टैंड न होने से मरीज के साथ आए तीमारदार हाथ में बोतल लेकर खड़े दिखाई दे रहे थे।
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