दंगाई वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे थे। हॉस्टल में सभी छात्र दहशत में थे। हालांकि इस दौरान कॉलेज प्रबंधन की ओर से सभी को नियमित खाना दिया जा रहा था, लेकिन हॉस्टल के बाहर का दृश्य भयाभय था। मंगलवार को सरकार की ओर से बस भेजी गई, वहां से वह एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से रात दस बजे दिल्ली पहुंचा। बुधवार को वो अपने घर पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।