हालांकि, वह करीब 60 हजार मतों से चुनाव हार गए थे, मगर मजबूती से चुनाव लड़कर दूसरे नंबर पर पहुंचे थे। भाजपा ने आठ बार के सांसद रहे संतोष गंगवार का टिकट काटकर पूर्व विधायक छत्रपाल गंगवार को मैदान में उतारा है। ऐसे नाजुक माहौल में बसपा ने भी छोटेलाल गंगवार को रण में उतारकर मजबूत चुनौती पेश की है।