बरेली। आर्थिक संकट से जूझ रहे भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने पिछले एक माह पहले वीआरएस शुरू की थी जो मंगलवार शाम बंद हो गई। जिले में 179 कर्मियों ने स्वेच्छा से विभाग छोड़ने की सहमति दे दी है। विभाग इन्हें अगले माह तक सभी देय भुगतान कर विदा करेगा।
बीएसएनएल में वीआरएस योजना अपनाने के आखिरी दिन अफरातफरी बनी रही। कामकाज छोड़ कर्मचारी और अधिकारी योजना के फायदे और नुकसान पर विश्लेषण करते रहे। सोमवार तक 194 लोगों ने वीआरएस अपनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था लेकिन मंगलवार शाम तक कुछ लोगों ने नाम वापस ले लिया। इसलिए अब बरेली दूरसंचार कार्य क्षेत्र में कुल 179 कर्मचारी ही वीआरएस लेने के लिए मान्य होंगे। बीएसएनएल ने वीआरएस आवेदन करने के लिए बनाई गई वेबसाइट मंगलवार शाम बंद कर दी।
मुख्य महाप्रबंधक पश्चिमी उत्तर प्रदेश सर्किल एके बाजपेयी ने बताया कि वीआरएस लेने के लिए एक माह का समय दिया गया था। जिससे संबंधित कर्मी सोचने समझने का समय मिल सके। ऑनलाइन वेबसाइट पर आवेदन करने के बाद फिर आवेदन वापस लेने का विकल्प भी था। इसलिए तीन दिसंबर शाम तक 2278 आवेदन फाइनल हो पाए। बाजपेयी ने बताया कि उनके सर्किल में 74.6 प्रतिशत लोगों ने वीआरएस भरा है। विभाग अब वीआरएस लेने वाले कर्मियाें के देय भुगतान का ब्योरा तैयार कराएगा, जिससे उन्हें जनवरी में स्वैच्छिक योजना में रिटायर किया जा सके। देश भर में 78,569 कर्मियों ने वीआरएस अपनाया है। जो कि 75.2 प्रतिशत है।