घोटालों और गोलमाल के आरोपों से तिलमिलाईं बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदनाराम इकबाल यादव लंबी छुट्टी पर जाने से पहले तीन सहायक अध्यापकों को सबक सिखा गईं। उन्होंने तीनों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। इस मामले में वह शिक्षक नेता, प्रधानाध्यापक राजेंद्र गंगवार को पहले ही सस्पेंड कर चुकी हैं।
सरकारी योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ी को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग लगातार चर्चा में है। स्वेटर घोटाला, फर्नीचर खरीद घोटाला, जूता घोटाला, अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी सहित कई मामले में बीएसए चंदना राम इकबाल यादव की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे हैं। शिक्षक नेता राजेंद्र गंगवार ने प्रबंध समिति के प्रशिक्षण के नाम पर 54 लाख रुपये की धनराशि के बंदरबांट के मामले की जांच की मांग उठाई थी। घोटालों के आरोपों से गुर्स्साइं बीएसए चंदना राम इकबाल यादव ने राजेंद्र गंगवार को निलंबित कर दिया। उन्होंने इस मामले में बिथरी ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल कलारी के सहायक अध्यापक लेखराज गंगवार, म्यूड़ीकलां जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक गजेंद्र पाल सिंह और जूनियर हाईस्कूल कीरतपुर के सहायक अध्यापक राजपाल सिंह को नोटिस देकर उनका जवाब तलब किया है। बीएसए ने यह कार्रवाई एक माह की लंबी छुट्टी पर जाने से पहले की है।
बीएसए पर मैंने जो आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह सही हैं। किसी भी समिति से इसकी जांच कराके सच्चाई जानी जा सकती है। सच कहने पर मुझे निलंबित कर दिया गया है। - राजेंद्र गंगवार, शिक्षक नेता