बरेली। शिक्षा मित्रों ने बीएसए दफ्तर पहुंचकर खूब हंगामा किया। एक शिक्षामित्र पेड़ पर चढ़ गया और बोला फांसी लगा लूंगा। शिक्षामित्रों ने उसे पेड़ से जबरदस्ती उतारा।
बीएसए दफ्तर को बंद कराने पहुंचे शिक्षामित्राें ने पूरे दफ्तर में काम काज ठप करा दिया। परिसर को घेर कर खड़े शिक्षामित्राें में गुलाबनगर प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र धर्मेंद्र पटेल अचानक पेड़ पर चढ़ गया। उसके पेड़ पर चढ़ते ही अन्य शिक्षामित्र चिल्लाने लगे। वह अपने साथ गमछा लेकर भी चढ़ा था। गमछे को पेड़ पर फंसाते ही पीछे से चढ़े तीन शिक्षामित्राें ने उसे पकड़ लिया और नीचे उतारा। जोर जोर से चिल्ला रहे धर्मेंद्र को लोगाें ने सांत्वना देकर शांत कराया। तमाम ब्लाक से शिक्षामित्र इस दौरान बीएसए दफ्तर पर इकट्ठा हुए। वे अपने हाथों में ‘इच्छामृत्यु’ की मांग करने की तख्ती लिये हुए थे। शिक्षामित्राें को कौशल किशोर, सोमदेव गुर्जर, संजीव सिंह, विनीत चौबे, चंद्रपाल गंगवार, महेंद्र लोधी, कृष्णपाल सिंह, पंकज शर्मा, गीता चौहान, नीलम सिंह व अन्य लगातार संबोधित करते रहे।
- गांधी उद्यान की ओर से किया कूच, फूंका पीएम का पुतला
बीएसए दफ्तर में चार घंटे के हंगामे के बाद शिक्षामित्राें ने गांधी उद्यान की ओर कूच किया। यहां उन्हाेंने सड़क जाम कर शिक्षामित्र एकता जिंदाबाद और प्रधानमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए। शिक्षामित्राें ने बीच सड़क पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूं का। सड़क बंद होने से नेशनल हाइवे रोड पर जाम लगने लगा। पुलिस ने मौके पर पहुुंच कर स्थिति संभाली।
- राज्यपाल से मिलने की मांग
शिक्षामित्राें ने मंगलवार को बरेली आ रहे प्रदेश के राज्यपाल रामनईक से मिलने की इच्छा जाहिर की है। इसको लेकर उन्हाेंने एडीएम सिटी से मुलाकात की। उप्र शिक्षक शिक्षामित्र कल्याण समिति के प्रदेश संरक्षक दुष्यंत चौहान ने बताया कि एडीएम सिटी से हुई मुलाकात में दो दर्जन शिक्षामित्र ने राज्यपाल से अपनी बात रखने की अनुमति मांगी थी। लेकिन दस लोगाें को अनुमति दी गई है। जबकि जिला प्रशासन के अनुसार सिर्फ पांच शिक्षामित्र ही उनसे मिलकर समस्या बता सकते हैं। शिक्षामित्राें ने धमकी दी है कि अगर उन्हें मिलने नहीं दिया गया तो सड़क मार्ग पर उनके आगमन के समय सभी शिक्षामित्र लेट जाएंगे।