निर्वाचन कार्य न करने वाले शिक्षकों को संरक्षण देने का भी लगाया आरोप
बरेली। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के पुनरीक्षण कार्य में ड्यूटी न करने वाली बीएलओ (सहायक अध्यापक) के विरुद्ध बीएसए ने कोई कार्रवाई नहीं की है। जिस पर एसडीएम सदर ने बीएसए के विरुद्ध डीएम से शिकायत कर दी है। एसडीएम ने बीएसए पर राज्य निर्वाचन आयोग एवं उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना कराने और बीएलओ का कार्य न करने वाले शिक्षक को व्यक्तिगत रूप से संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है।
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि क्यारा ब्लॉक की ग्राम पंचायत करगैना की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए उन्होंने सहायक अध्यापक नीतू पाठक को बीएलओ नियुक्त किया था। नीतू उच्चतर प्राथमिक विद्यालय करेली में तैनात हैं। इन्होंने आज तक न ही बीएलओ की ड्यूटी प्राप्त की है और न ही निर्वाचन का कोई कार्य किया है। जिस पर एसडीएम ने नीतू का वेतन रोकने के लिए बीएसए को 25 अगस्त को पत्र लिखा था। फिर आठ और 19 सितंबर को भी बीएसए को पत्र लिखा। इन पत्रों में एसडीएम ने बीएसए को नीतू पाठक के विरुद्ध राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशों की अवहेलना एवं निर्वाचन कार्य न करने के आरोप में दंडात्मक एवं निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति की थी। एसडीएम सदर ने बताया कि इतनी बार पत्राचार किए जाने के बाद भी बीएसए ने नीतू पाठक का न ही वेतन रोका और न ही निलंबन की कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि अभी 10 अक्तूबर को फिर बीएसए को पत्र लिखकर नीतू पाठक के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए कहा गया, लेकिन कार्रवाई अभी तक शून्य है। इस मामले में बीएसए संजय सिंह का पक्ष जानने का प्रयास किया गया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। संवाद