बरेली। कोरोना के खतरे के बावजूद भाईदूज पर ऐसी भीड़ उमड़ी कि बसें कम पड़ गईं। सामाजिक दूरी का नियम तो टूटा ही, सीट पाने के लिए बहनों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। फेरे बढ़ाने के बावजूद तमाम लोगों को बसें नहीं पाईं।
रोडवेज के दोनों ही बस स्टेशनों पर सोमवार सुबह से भीड़ उमड़ पड़ी। उस वक्त सभी बसें मौजूद थीं। एक के बाद दूसरी बस भी तैयार खड़ी थी मगर यात्रियों की संख्या के आगे बसें कम पड़ गईं। फिर सवारियों को काफी इंतजार करना पड़ा। पुराने बस स्टेशन की बात करें तो यहां से सबसे ज्यादा सवारियां हल्द्वानी, बदायूं और मुरादाबाद की रहीं। दिल्ली जाने वाली बसों का सिलसिला चलता रहा। वहीं सेटेलाइट बस स्टेशन से पीलीभीत, टनकपुर, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद की सवारियों की भरमार रही।
पीलीभीत की तरफ से जाने आने वाली सवारियों का आलम तो यह था बरेली से दिल्ली रूट की बसों को पीलीभीत से चलाया गया। पहले बरेली से पीलीभीत फिर पीलीभीत से बरेली होकर दिल्ली भेजा गया। ताकि फेरे बढ़ा कर सवारियों को गंतव्य तक पहु्ंचाया जा सके। इसी तरह हल्द्वानी और बदायूं रूट की बसों का हाल था। उधर लखनऊ, जलालाबाद और कानपुर रूट की बसों का अभाव रहा। जिससे सवारियों को परेशानी उठानी पड़ी। यह स्थिति देर शाम तक बनी रही।