British own language The lessons taught in Netaji
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
महानगर की विभिन्न संस्थाओं ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 120वीं जयंती धूमधाम से मनाई। वक्ताओं ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने अंग्रेजों को उन्हीं की भाषा में सबक सिखाया।
नवभारत जनकल्याण समिति की ओर से जसोली में आयोजित विचार गोष्ठी में अध्यक्ष भारत मूलचंदानी ने कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजों से संघर्ष करने में बिताया। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जनकल्याण शिक्षा विकास समिति के पदाधिकारियों ने ग्राम दौली रघुवरदयाल में दस बालिकाओं के बैंक खाते खुलवाकर उपहार दिया।
नेताजी की जयंती के उपलक्ष्य में श्री नाथ नगरी सेवा समिति के 55 कार्यकर्ताओं ने आईएमए ब्लड बैंक में रक्तदान किया। श्री गुलाबराय इंटर कॉलेज में नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. एसपी पांडेय ने की। संत रविदास सरस्वती शिशु मंदिर भीमनगर के भैया बहिनों ने सुभाष जयंती के उपलक्ष्य में जाटवपुरा, गंगापुर, नई बस्ती, माधोबाड़ी तथा वाल्मीकि बस्ती आदि स्थानों पर पथ संचलन किया।
भारत सेवक समाज की विचार गोष्ठी में लाल बहादुर गंगवार, कृष्ण स्वरूप सक्सेना ने देश की आजादी में नेताजी के योगदान पर चर्चा की गई। श्री गंगाचरण अस्पताल सभागार में आयोजित भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य अतिथि डॉ. एन के गुप्ता, विशिष्ट अतिथि योगेश पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र अटल, पूर्व मेयर सुभाष पटेल ने पुरस्कृत किया। हिंदू युवा वाहिनी, नारायण जन कल्याण सेवा समिति, जिला कांग्रेस कमेटी, क्रांतिकारी छात्र परिषद ने भी नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जयंती पर उनके आजादी के योगदान का स्मरण किया। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने समारोह में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस को राष्ट्रपिता का दर्जा दिये जाने की मांग की।