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Budget 2026: बरेली में डायबिटीज के एक लाख और कैंसर के आठ हजार मरीजों को मिलेगी राहत, दवाएं होंगी सस्ती

Mon, 02 Feb 2026 11:25 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

केंद्रीय बजट में किए गए विभिन्न प्रावधानों से कैंसर, डायबिटीज जैसे गंभीर रोगों की दवाएं सस्ती होंगी। बरेली में कैंसर के करीब आठ हजार और डायबिटीज के एक लाख से ज्यादा सक्रिय मरीज हैं। बजट के नए प्रावधानों से इन मरीजों को राहत मिलेगी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock Images
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विस्तार
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केंद्रीय बजट में किए गए विभिन्न प्रावधान से कैंसर, डायबिटीज समेत दुर्लभ रोगों के इलाज के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाओं की कीमत घटने का लाभ प्रत्यक्ष रूप से मरीजों को मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बरेली जिले में कैंसर के करीब आठ हजार और डायबिटीज के एक लाख से ज्यादा सक्रिय मरीज हैं। ये रोजाना दवा का सेवन कर रहे हैं।

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बरेली केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी के मुताबिक, इनकी दवा का सलाना कारोबार करीब दो सौ करोड़ (कैंसर 50 करोड़, डायबिटीज 150 करोड़) रुपये का है। दवाएं सस्ती होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को खासी राहत मिलेगी। इसके अलावा दुर्लभ रोग जैसे मस्कुलर एस्ट्रॉफी, गुलियन बेरे सिंड्रोम आदि का सस्ता इलाज मुहैया कराने की घोषणा का लाभ मरीज को मिलेगा। 

बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
निजी क्षेत्र के सहयोग से मेडिकल हब बनाने की घोषणा से बरेली को खासा लाभ होगा। बरेली मंडल समेत उत्तराखंड और नेपाल से भी मरीज यहां इलाज कराने आते हैं। जिला अस्पताल में इमरजेंसी, ट्रॉमा केयर और जेरियाट्रिक सेंटर बनाकर क्षमता 50 फीसदी बढ़ाने से मरीजों की महानगरों की दौड़ थम सकती है। आयुष क्षेत्र में रिसर्च एंड डेवलपमेंट का लाभ राजकीय और निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों में पढ़ रहे दस हजार विद्यार्थियों को मिलेगा।
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समावेशी सिसटम तैयार करना सरकार की प्राथमिकता
वरिष्ठ चिकित्सक विनोद पागरानी ने कहा कि देश में मजबूत, समावेशी और आधुनिक हेल्थकेयर सिस्टम तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। बजट में इलाज, रिसर्च, मेडिकल टूरिज्म, आयुष और जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को छूने की कोशिश की गई है। 

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वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. आरके चितलांगिया ने कहा कि दवाओं के दाम कम होने का लाभ मरीजों को मिलेगा। इसकी सघन निगरानी होनी चाहिए, क्योंकि दवाओं की एमआरपी पहले से ही बढ़ी है। इंपोर्ट ड्यूटी अगर कम की गई तो उससे मरीजों को लाभ होगा, यह नहीं कह सकते। 

बरेली नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि बजट अथक मेहनत से जन कल्याण के लिए बनाया जाता है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की समीक्षा होनी चाहिए। मेडिकल टूरिज्म और सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन को बढ़ावा देना सकारात्मक कदम है।
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