वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. आरके चितलांगिया ने कहा कि दवाओं के दाम कम होने का लाभ मरीजों को मिलेगा। इसकी सघन निगरानी होनी चाहिए, क्योंकि दवाओं की एमआरपी पहले से ही बढ़ी है। इंपोर्ट ड्यूटी अगर कम की गई तो उससे मरीजों को लाभ होगा, यह नहीं कह सकते।
बरेली नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि बजट अथक मेहनत से जन कल्याण के लिए बनाया जाता है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की समीक्षा होनी चाहिए। मेडिकल टूरिज्म और सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन को बढ़ावा देना सकारात्मक कदम है।