बदायूं के उझानी क्षेत्र में शनिवार देर शाम कासगंज से आई बरात में दूल्हे के दोस्तों के डांस को लेकर विवाद हो गया। उस वक्त दूल्हे ने विवाद सुलझा लिया, लेकिन रविवार सुबह सात फेरों की रस्म के बाद कामदारों के नेग (हक) लेने का नंबर आया तो कहासुनी में दुल्हन की विदाई पर बन आई। दूल्हा पक्ष को पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद विदाई हो सकी।
मामला रविवार सुबह 10 बजे का है। दरअसल, विदाई से पहले कुछ कामदार नेग लेने के लिए दूल्हा पक्ष के लोगों के सामने आ गए। ऐसा अमूमन होता रहा है। शादी के दौरान सामाजिक मान्यता के अनुसार दुल्हन पक्ष की ओर से किसी को अगर 50 रुपये नेग में दिए जाते हैं तो दूल्हा पक्ष रकम दोगुनी करके नेग देता है।
इसी बात को लेकर दुल्हन के भाई और दूल्हा के पिता के बीच विवाद बढ़ा तो बरातियों और घरातियों ने दोनों पक्ष के लोगों को समझाने की कोशिश की। कामदार तो मान गया, लेकिन भाई ने दुल्हन की विदा करने से मना दिया। मामला उझानी कोतवाली तक पहुंच गया।
दुल्हन को भाई हुआ नाराज
विदाई पर पसोपेश के बीच दूल्हा के पिता की शिकायत पर रविवार दोपहर दरोगा प्रवीण कुमार चौहान मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्ष के लोगों से बात की। दुल्हन के भाई ने बरात चढ़त के दौरान दूल्हे के दोस्तों की हरकतों पर भी ऐतराज जताया। उसने यहां तक कह दिया कि अगर अभी से दूल्हा समेत उसके परिजनों के तेवर इस तरह के हैं तो उसकी बहन खुश कैसे रह पाएगी।
दरोगा चौहान ने दूल्हा और दुल्हन से भी बात की। बरातियों और घरातियों समेत दूल्हा-दुल्हन को समझाने पर बात बनी, तब कहीं जाकर दोपहर दो बजे दुल्हन विदा हुई। दरोगा ने बताया कि बात कोई खास नहीं थी, लेकिन आपसी गलतफहमी हो गई थी। दोनों पक्ष खुद ही शांत हो गए।