बरेली। नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुए ब्रिक्स सम्मेलन के व्यापारिक करारों से बरेली के कारोबारियों में उत्साह है। इन समझौतों का उद्देश्य ‘’ईज ऑफ डूइंग कारोबार’’ को बेहतर बनाना और वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देना है। जिले के पारंपरिक उद्योगों जैसे जरी-जरदोजी, फर्नीचर और बांस के उत्पादों को इन करारों से लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे जिले की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
जिले से हर साल लगभग 1450 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसमें खाड़ी देशों को करीब 100 करोड़ रुपये का जरी-जरदोजी निर्यात शामिल है। बरेली का फर्नीचर और बांस से बना सामान भी विदेशों में पसंद किया जाता है। अब तक स्थानीय व्यापारियों को सीधी निर्यात सुविधा नहीं मिलती थी। अधिकांश माल दिल्ली के कारोबारियों के माध्यम से भेजा जाता था। राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि ब्रिक्स देशों के साथ हुए नए करारों के बाद व्यापारियों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच मिलने की उम्मीद है।