फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: सरकारी योजनाओं में सेंधमारी, यहां राम सिंह और दीपू भी ले रहे विधवा पेंशन

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। सरकारी विभागों की ओर से सत्यापन में बरती जा रही लापरवाही को ढाल बनाकर बैंककर्मियों ने जनता के लिए चलाई जा रही योजनाओं में सेंधमारी की। आलम यह है कि राम सिंह, रविंद्र सिंह, यशपाल और दीपू जैसे पुरुष भी विधवा पेंशन ले रहे हैं। इतना ही नहीं, ये लोग किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं। हर वित्त वर्ष की शुरुआत में लाभार्थियों के सत्यापन करने का दावा करने वाले अफसर चैन की नींद सोते रहे और घोटाला होता रहा।
विज्ञापन

जिला सहकारी बैंक की फरीदपुर शाखा में हुए गबन की जांच में पता चला है कि करीब ढाई-तीन हजार से अधिक महिलाओं के नाम पर विधवा पेंशन, किसान सम्मान निधि व अन्य योजनाओं के तहत डीबीटी के माध्यम से रकम प्राप्त कर घोटाला किया गया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, रविंद्र सिंह को 12 मार्च को विधवा पेंशन के नौ हजार रुपये मिले हैं। अन्य योजनाओं से भी उन्हें 12 हजार रुपये मिले हैं। ये पैसा उनके खाता संख्या 001500320008330 में आया है।
इसी तरह यशपाल के खाते में कुल 47 हजार रुपये आए हैं। इन्हें भी 12 मार्च को नौ हजार रुपये विधवा पेंशन के मिले हैं। राम सिंह के खाता संख्या 001500320008467 में 31 मार्च 2024 से 18 मार्च 2025 तक कुल 33 हजार रुपये आए हैं। ऐसे ही दीपक के खाते में कुल 33 हजार रुपये आए हैं। इसमें नौ हजार रुपये विधवा पेंशन के हैं।
विज्ञापन

राजेश के खाते में 58 हजार रुपये क्रेडिट हुए हैं। रंजीत को भी 12 मार्च को विधवा पेंशन के नौ हजार रुपये मिले हैं। मनोज के खाते में भी विधवा पेंशन समेत 33 हजार रुपये क्रेडिट हुए हैं। ऐसे कई अपात्र हैं, जिन्हें विधवा पेंशन मिल रही है।
एक ही व्यक्ति के कई खातों में आ रही रकम
मोहम्मद अनस और असमीन बेगम, नेहा और असमीन बेगम के अलग-अलग दो संयुक्त खाते हैं। मोहम्मद अनस व असमीन बेगम वाले खाते में विधवा पेंशन के नौ हजार और किसान सम्मान निधि के चार हजार रुपये प्राप्त हुए हैं। जबकि, नेहा और असमीन के संयुक्त खाते में भी किसान सम्मान निधि के 30 हजार रुपये आए हैं।
विभागीय कर्मचारी भी फर्जीवाड़े में हैं शामिल
जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक देवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि फर्जीवाड़े में जिनके खातों में किसान सम्मान निधि, विधवा पेंशन व वृद्धावस्था पेंशन की धनराशि आई है, उनमें ज्यादातर खाते महिलाओं के नाम पर हैं। इनमें एक से अधिक आधार लगे हैं। स्पष्ट है कि जिन विभागों की योजनाएं हैं, उनके यहां का भी कोई न कोई व्यक्ति इस फर्जीवाड़े में शामिल है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें