आशीष की हत्या के बाद पुलिस ने उसकी होनी वाली दुल्हन के प्रेमी कपिल को पकड़ लिया है। सर्विलांस जांच में सामने आया है कि आशीष के लापता होने वाले दिन फोन पर अंतिम कॉल 11:55 बजे हरुनगला के पवन के नंबर से हुई। पवन आशीष के बहनोई के घर में किराये पर रहता है। पुलिस ने उसके घर दबिश दी तो वह फरार मिला। पुलिस इस मामले में अब तक चार लोगोें को उठा चुकी है। आशीष हत्याकांड की उलझी गुत्थियां सुलझाने में जुटी पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। सर्विलांस से यह बात भी सामने आई है कि शादी तय होने के बाद आशीष और प्रियंका की लगातार मोबाइल पर बात होती थी। सभी कॉल 30 मिनट से ज्यादा समय की हैं, जबकि प्रियंका ने आशीष से मोबाइल पर कोई बात होने से इंकार किया था। यह भी सामने आया कि 24 फरवरी यानी आशीष के गायब होने वाले दिन हत्यारोपी कपिल और प्रियंका का मूवमेंट भुता की तरफ नहीं था। पुलिस अभी तक आशीष की हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कोई खास मदद नहीं मिली थी, लिहाजा डॉक्टर से दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर रिव्यू मांगा गया है। पुलिस के मुताबिक पवन के सामने आने के बाद केस में कुछ और बातें सामने आ सकती हैं।
यह है पूरा मामला
भुता के गांव भगनापुर के 27 वर्षीय आशीष कुमार की शादी तीन महीने पहले नवाबगंज के गांर्व इंदजागीर के चेतराम की बेटी प्रियंका से तय हुई थी। 24 फरवरी को बारात जानी थी, लेकिन उसी दिन आशीष लापता हो गया। अगले दिन उसकी लाश मिली। कनपटी पर गोली मारकर उसकी हत्या की गई थी।