बरेली के नवाबगंज में स्थानीय ब्लॉक प्रमुख विनोद दिवाकर के छोटे बेटे ने घरवालों की डांट और दादा के थप्पड़ मारने से आहत होकर अपने कमरे में खुद को गोली मारी ली। गोली सीने में दाहिने तरफ लगी जो पार हो गई थी।
घरवाले उसे बरेली तक लेकर आए पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार ने पुलिस को बिना सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने जांच के दौरान खोखा बरामद किया। हालांकि पुलिस हथियार न मिलने का दावा कर रही है।
बहोरनगला गांव निवासी विनोद कुमार दिवाकर नवाबगंज के ब्लॉक प्रमुख हैं। रविवार रात विनोद अपनी पत्नी सत्यवती, बड़े बेटे विकास और बेटी नीरज के साथ अपने चाचा के गांव धौरेरा गए थे। घर पर उनके भाई सूरज प्रकाश और चाचा भीमसेन के साथ सबसे छोटा बेटा 16 वर्षीय धीरज था।
रात दस बजे अचानक धीरज के कमरे से फायर की आवाज सुनाई दी। आननफानन में सभी दौड़कर कमरे की ओर पहुंचे तो किवाड़ भिड़े हुए थे। अंदर धीरज का शरीर खून से लथपथ हालत में पड़ा था। आननफानन में उसे बरेली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही धीरज ने दम तोड़ दिया।
घरवालों ने पुलिस को बिना सूचना दिए ही सोमवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया। बताया जाता है कि रविवार शाम धीरज को गांव के ही एक युवक ने सिगरेट पीते देख लिया था। उसने घर पर शिकायत करने की बात कही तो धीरज का उससे विवाद हो गया।
इसके बाद युवक के घरवाले धीरज की शिकायत करने उसके घर पहुंचे थे। तब धीरज के दादा भीमसेन और ताऊ सूरज प्रकाश ने उसे डांट दिया। इस दौरान दादा ने उसे थप्पड़ भी मार दिया। इससे आहत धीरज कमरे में चला गया और घरवालों के सोते ही पर उसने गोली मार ली। सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने घर से खोखा बरामद किया।
इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। मौके से कारतूस मिला है पर वह हथियार नहीं मिला जिससे गोली चलाई गई। जांच करेंगे पर परिवार कोई कार्रवाई नहीं चाहता।