बरेली। कोविड-19 से बचाव के लिए अब लोगों को कोवैक्सीन की डोज दी जाएगी। कोवैक्सीन लगवाने से पहले एक शपथ पत्र भी भरवाया जा रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक कोविशील्ड की तरह कोवैक्सीन भी पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। शपथ पत्र दरअसल एक सहमति पत्र है लिहाजा घबराने के बजाय लोग बेझिझक होकर वैक्सीन लगाने की सहमति दें।
कोविड वैक्सीनेशन 16 जनवरी से शुरू होने के बाद अब तक स्वास्थ्यकर्मियों के साथ पुलिस और प्रशासन के अफसरों और फ्रंटलाइन वर्क रों को कोविशील्ड की डोज लगाई जा चुकी है। पहली डोज देने के 28वें दिन कोविशील्ड की दूसरी डोज भी देने की तैयारी चल रही है। पिछले दिनों शासन ने बरेली में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन भेजी है जिसे लगवाने वाले लोगों से एक सहमति पत्र भी भरवाया जाएगा। संक्र ामक रोग चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अतुल अग्रवाल ने एक रिपोर्ट के आधार पर बताया कि दोनों वैक्सीन सुरक्षित हैं। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
साइड इफेक्ट पर रहेगी अफसरों की नजर
उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. शुचिता गंगवार ने बताया कि सहमति पत्र के अनुसार कोविशील्ड वैक्सीन लगने पर कुछेक की मामूली तबियत खराब हुई मगर जल्द वे स्वस्थ हो गए। दरअसल कोई भी वैक्सीन लगने पर शरीर पर उसकी हल्की प्रतिक्रिया दिखना सामान्य है। अगर किसी को गंभीर साइड इफेक्ट होगा तो उसकी पूरी देखभाल होगी। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। सहमति पत्र भरना टीकाकरण की एक औपचारिकता है।
सात दिनों के अंदर देनी होगी जानकारी
सहमति पत्र में कहा गया है कि वैक्सीन लगवाने वालों को शुरुआती सात दिनों के अंदर किसी भी तरह के साइड इफेक्ट और लक्षणों के बारे में एक फैक्ट शीट के जरिए पूरी जानकारी देनी होगी। यह भी कहा गया है कि वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के परीक्षण में सामने आया है कि वह कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने में सक्षम है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि कोवैक्सीन का तीसरे चरण के ट्रायल की स्टडी अभी जारी है।