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Bareilly News: किशोरी की मौत पर उबाल, एडीएम की गाड़ी रोककर की नारेबाजी, एसएसपी दफ्तर में घुसी भीड़

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बरेली। कैंट थाना क्षेत्र निवासी किशोरी की पश्चिम बंगाल में मौत का मामला बुधवार को गरमा गया। गांव के लोगों ने कलक्ट्रेट से एसएसपी दफ्तर तक प्रदर्शन और हंगामा किया। महिलाएं एडीएम की गाड़ी के आगे लेट गईं। बेकाबू भीड़ एसएसपी दफ्तर में दाखिल हो गई। कार्रवाई के आश्वासन पर उन्हें बमुश्किल शांत कराया जा सका। पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
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सुबह से ही बैनर-पोस्टर लेकर लोग दामोदर स्वरूप पार्क में जुटने लगे थे। उन्होंने कैंट पुलिस पर आरोपी पक्ष से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने उन्हें मनाने की कोशिश की, पर साथ मौजूद विभिन्न संगठनों के नेता इसे जाति विशेष से जुड़ा और सम्मान का मामला बताकर बार-बार तूल देते रहे। इससे आक्रोशित भीड़ दोपहर 12 बजे कलक्ट्रेट पहुंच गई। वहां एडीएम प्रशासन अपनी गाड़ी में बैठकर निकले तो भीड़ ने उन्हें रोक लिया। महिलाएं उनकी गाड़ी के आगे लेट गईं। अधिकारियों ने बमुश्किल उन्हें मनाया।
इसके बाद भीड़ एसएसपी दफ्तर की ओर कूच कर गई। वहां पुलिसकर्मियों ने उनको रोकने की कोशिश की, पर बेकाबू भीड़ एसएसपी के कक्ष में घुस गई। वहां ये लोग एसएसपी अनुराग आर्य से मिले। उनसे हत्या व संबंधित धाराएं बढ़ाने की मांग की। एसएसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया तो भीड़ बाहर निकली। इससे पहले इन लोगों ने एसएसपी दफ्तर के बाहर भी प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुई महिला
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान एक महिला बेहोश हो गई। इससे मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। इसी दौरान पास में मौजूद ट्रांसफार्मर से चिंगारियां निकलने लगीं। इससे भीड़ में भगदड़ मच गई, पर बेहोश महिला वहीं पड़ी रही। तब महिला पुलिसकर्मी उसके पास पहुंचीं। उन्होंने उसे पानी पिलाकर होश में लाने की कोशिश की। महिला को होश में लाकर वहां से हटाया गया।
इंस्पेक्टर ने कहा था- बेटी संभाली नहीं जाती, रिपोर्ट कराओगे
कैंट इंस्पेक्टर जग नारायण पांडेय व दरोगा अतुल कुमार की भूमिका को लेकर भीड़ ज्यादा गुस्से में थी। किशोरी के पिता ने बताया कि शुरुआत में इंस्पेक्टर ने कहा था कि अपनी बेटी संभाली नहीं जाती और रिपोर्ट कराने आ जाते हो। इसके बाद उन्हें डांटकर भगा दिया था। अगले दिन फिर वह थाने गए तो दो घंटे बैठाने के बाद रिपोर्ट लिखी। इसके बाद भी उनकी बेटी की तलाश का कोई प्रयास नहीं किया। इंस्पेक्टर और हल्का दरोगा लगातार उन्हें आश्वासन देते रहे कि उनकी बेटी को जल्दी खोज लेंगे। दरोगा ने कहा कि लड़का पक्ष संपर्क में है और वह मदद की बात कर रहा है। लापरवाही के बीच उन्हें बेटी की मौत की सूचना मिली।
ये था मामला

कैंट क्षेत्र की 14 साल की किशोरी 27 जून से लापता थी। शक के आधार पर पिता ने गांव निवासी युवक व उसके परिवार के कुछ लोगों पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चार जुलाई को युवक ने कैंट थाने में सरेंडर कर दिया। उसने बताया कि वह और किशोरी बरेली से हावड़ा गए थे। वहां से लौटकर बरेली आते वक्त आत्महत्या के इरादे से दोनों ट्रेन से कूद गए। वह बेहोश हो गया था। जब होश आया तो किशोरी उसे नहीं मिली। वह घबरा गया और यहां लौट आया। पुलिस के साथ हावड़ा जाकर परिजनों ने जीआरपी से संपर्क किया। वहां अज्ञात के तौर पर शव पोस्टमार्टम के लिए रखा था। पता लगा कि शव हावड़ा स्टेशन के पास मिला था। वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब परिवार के लोग कैंट थाने में पहले से दर्ज अपहरण की रिपोर्ट में हत्या व अन्य धाराएं बढ़ाने पर अड़े हैं। ब्यूरो
वर्जन
आरोपी युवक को लेकर कैंट पुलिस पश्चिम बंगाल से लौट रही है। किशोरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य कागजात वहां से मंगाए जा रहे हैं। जिस आरोपी का जिस स्तर का दोष होगा, उसके खिलाफ उसी तरह की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। किशोरी के परिजनों को बता दिया है कि अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। - पंकज श्रीवास्तव, सीओ प्रथम
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