भूमिगत हुए आरोपी
बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य मजदूरों और अनपढ़ लोगों के नाम से बोगस फर्म बनाते हैं। इसके बाद फर्म को पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर टैक्स रिफंड हासिल करते हैं। पुलिस गिरोह का सुराग लगा रही है, लेकिन पिछले दिनों दी गई दबिश के बाद गिरोह के कई सदस्य भाग गए हैं।
एसटी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि जीएसटी चोरी व बोगस फर्म बनाकर धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। क्राइम ब्रांच इन मामलों की विवेचना कर रही है। जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे, विवेचक उन्हें चार्जशीट में शामिल कर गिरफ्तारी करेंगे।