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Bareilly News: अरिल में डूबे बाइक सवार तीन में से दो युवकों के मिले शव

Wed, 09 Sep 2026 01:58 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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आंवला/बिशारतगंज। आंवला-अतरछेड़ी मार्ग पर सोमवार शाम डरुआपुर गांव के पास अरिल नदी में बहे बाइक सवार तीन युवकों में से दो के शव मंगलवार दोपहर मिल गए। तीसरे की तलाश अभी की जा रही है।
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सीओ आंवला हेमंत उपाध्याय ने बताया कि मंगलवार को दिनभर एसडीआरएफ और नौ गोताखोरों की टीमें युवकों की तलाश में जुटी रहीं। दोपहर में दो युवकों के शव मिले हैं। ये बिशारतगंज के प्रेम मौर्य (25) और विशन स्वरूप (26) के हैं। हालांकि, सोमवार रात मिली बाइक के मालिक सूरजपाल मौर्य के बेटे नितिन का कुछ पता नहीं लगा है। देर शाम सर्च अभियान रोक दिया गया। बुधवार सुबह फिर से तलाश कराई जाएगी। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
आंवला-अतरछेड़ी मार्ग पर सोमवार शाम बाइक सवार तीन युवक अरिल नदी पर बना रपटा पुल पार कर रहे थे। ये कस्बे के वार्ड एक निवासी सूरज पाल मौर्य के नितिन मौर्य (20), प्रेमपाल और बिशन स्वरूप थे। इस दौरान बाइक अनियंत्रित होने पर बाइक समेत तीनों युवक नदी के तेज बहाव में बह गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहले दो थानों की पुलिस पहुंची। पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
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फिर रात में डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, एडीएम (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह, एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा और एसडीएम सुशील मिश्र भी पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि युवक काफी देर से पुल के आसपास दिखाई दे रहे थे। तीनों की उम्र 20-30 साल के बीच रही होगी। लोगों ने उनको पेड़ के नीचे बैठे भी देखा, शायद कोई नशा कर रहे थे। सूचना पर बिशारतगजं नपं के पूर्व अध्यक्ष सूरजपाल मौर्य युवकों के परिजन के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। बताया कि नितिन, बिशारतगंज बाजार में सब्जी बेचने की दुकान है। प्रेमपाल, करगैना बाजार में सब्जी की दुकान लगाता था। बिशन स्वरूप वाल्मीकि नगर पंचायत में ठेका कर्मचारी था। तीनों अच्छे दोस्त थे। अविवाहित थे।
पहले सावधानी बरतते तो नहीं होती दुर्घटना
लगातार बारिश के कारण आंवला-अतरछेड़ी मार्ग पर डरुआपुर गांव के पास बने रपटा पुल पर भी अरिल नदी का पानी बह रहा है। वहां से आवागमन खतरा बन चुका है। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली। सोमवार को हुए हादसे के बाद मंगलवार से उस पुल से आवागमन बंद कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले वहां से आवागमन बंद कर दिया जाता तो हादसा भी नहीं होता।
गांव से निकलने के लिए खतरे में तैरने को मजबूर ग्रामीण
भमोरा/रामनगर। ब्लॉक आलमपुर जाफराबाद और रामनगर ब्लॉक के लोग जान जोखिम में डालकर एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए मजबूर हैं। सोमवार को हुए हादसे के बाद पुलिस ने मंगलवार को राहगीरों को हिदायत दी। पुलिस ने बहाव तेज होने पर पुल से आने-जाने को मना किया।
आलमपुर जाफराबाद की ग्राम पंचायत दलीपुर के पास बह रही अरिल नदी पर बने रपटा पुल पर तीन-चार फुट तक पानी बह रहा है। ग्रामीण तैरकर पार कर रहे हैं। गांव के भागीरथ ने बताया कि इसी पुल से गुजरने से तीन साल पहले सेंधी निवासी राम बहादुर की मौत हो गई थी। चार साल पहले कुड्डा निवासी महेश मौर्य की मौत हुई थी। गांव के बाहर निकलने के लिए या तो तैरकर जाओ या फिर देवपुर होते हुए कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करके रामनगला से जाना पड़ता है। राम नगला से रास्ता ऊबड़-खाबड़ है। वहां वाहन पलटने का खतरा रहता है। पानी ज्यादा होने पर न महिलाएं इलाज के लिए कहीं जा पाती हैं, न ही विद्यार्थी स्कूल जा पाते हैं।
वहीं, महमूदपुर जाने वाले मार्ग पर अरिल नदी पर बना रपटा पुल बरसात में जानलेवा साबित हो रहा है। बारिश होते ही पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है, जिससे आवागमन बाधित होने के साथ हादसे का खतरा बढ़ जाता है। पूर्व प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि यह मार्ग विकासखंड रामनगर और बिसौली को जोड़ता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी पुल से गुजरते हैं। बरसात में पुल के ऊपर दो से तीन फुट तक पानी बहने लगता है। मजबूरी में लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले पुल पार करते समय एक व्यक्ति तेज बहाव में बह गया था, डूबने से उसकी मौत हो गई थी। कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने पुल को ऊंचा कर पक्का पुल बनाने की मांग की है। संवाद
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