तीन तलाक पर देश भर में चल रही बहस के बीच हाफिजगंज का तीन तलाक का मामला एक नई बहस का विषय बन गया है। हाफिजगंज के मौलाना इसे जायज करार दे चुके हैं। इस बारे में बरेली शाही जामा मस्जिद के शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम से राय मांगी गई तो उन्होंने भी इस तलाक को शरिअन जायज ही माना है। हां वह इतना जरूर कहते हैं कि ऐसे जालिम शौहर को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और उस पर भारी जुर्माना होना चाहिए।
मुफ्ती खुर्शीद आलम का कहना है कि शौहर ने अगर तलाक कह दिया तो बीवी से तलाक हो गया, वह माना जाएगा। घटनाक्रम के अनुसार बीवी ने उसे चोरी से रोका तो बीवी का यह अच्छा कदम है। मर्द अगर गलत राह पर हो तो उसको रोकना बीवी की नेक बात है। ये अच्छी बात अगर उसके शौहर को नागवार गुजरी है तो वह बहुत बड़ा कमअक्ल है। उस पर भी अगर उसने बीवी की पिटाई की तो वह बहुत बड़ा जालिम है। उसने बीवी पर जुल्म किया और ऊपर से तलाक देकर जुल्म पर जुल्म किया। ऐसे जालिम इंसान को जरूर सजा मिलनी चाहिए। शरई एतबार से भी वह जालिम है क्योंकि किसी बेगुनाह को मारना पीटना भी जुर्म है। अब जो उसके खिलाफ बीबी ने थाने में तहरीर दी उस पर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए।
बेसहारा हुई औरत के हक में उनकी राय है कि इस तरह के जालिम इंसान पर भारी जुर्माना आयद किया जाए। वह भी थोड़ा नहीं बल्कि इतना कि औरत अपनी जिंदगी आसानी से काट सके। शरीयत के अनुसार भी शौहर ने अगर तलाक दे दिया है तो वह पूरा महर अदा करे।