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UP: माथे पर तिलक... हाथ से रिस रहा था खून, मुंह और कान में भर गई थी मिट्टी; 20 दिन की बच्ची को जिंदा दफनाया

Mon, 15 Sep 2025 08:57 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर के जैतीपुर में करीब 20 दिन की नवजात बच्ची को कोई गांव गौहावर मार्ग के रास्ते में बहगुल नदी के पुल के किनारे एक फुट गहरे गड्ढे में दबा गया। निर्दयता की शिकार हुई इस बच्ची का जीवन कुदरत ने बचा तो लिया, मगर उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
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एक फुट गड्ढे में दबी मिली बच्ची - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शाहजहांपुर के जैतीपुर में मासूम को करीब एक फुट का गड्ढा खोदकर दबाने का मामला सामने आया है। शुक्र यह रहा कि समय रहते उसे निकाल लिया गया। मासूम के हाथ से खून रिस रहा था तो कान और मुंह में मिट्टी भर गई थी। काफी कम वजन की इस बच्ची को बचाने का हर प्रयास किया जा रहा है।
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रविवार को रोने की आवाज सुनकर बालक डबलू नजदीक गया तो उसने खून से सना हाथ दिखा। उसके शोर मचाने पर लोगों की भीड़ लग गई। इसके बाद ही बच्ची को बाहर निकाला गया। बच्ची के हाथ में चींटियों के काटने के कारण खून निकलने का अनुमान है। वहीं डॉक्टर कौवे के चोंच मारने की भी बात कह रहे हैं।

लोगों की सूचना पर थाने से आए उप निरीक्षक इतेश तोमर ने मिट्टी में दबी बच्ची को बाहर निकाला। सभी ने ईश्वर का धन्यवाद दिया कि उसकी सांसें चल रही थीं। जैतीपुर सीएचसी ले जाई गई बच्ची को वहां प्राथमिक उपचार के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।
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थाना प्रभारी गौरव त्यागी ने बताया कि चौकीदार की सूचना पर सुबह दरोगा को भेजा था। बच्ची की हाथ-पैर की उंगलियां आपस में मिली हुईं थीं। जहां पर बच्ची मिली है, उस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे हैं। निजी अस्पतालों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
 

कहीं विकृति ने तो नहीं बनाया दुश्मन
बच्ची के हाथ-पैर की उंगलियां आपस में मिली हुई हैं। पुलिस का मानना है कि यही विकृति उसकी जान की दुश्मन बनी। उसके माथे पर तिलक भी मिला है। इससे यह माना जा रहा है कि छठी कार्यक्रम के वक्त उसे यह टीका लगाया गया होगा। इससे यह भी साफ है कि बच्ची किसी घर में कुछ दिन में रही है। वहीं, तंत्र-मंत्र के पहलू पर भी पुलिस ने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है।
 

बीस दिन की बच्ची को जिंदा दफनाया रोने की आवाज सुनकर लोगों ने निकाला
शाहजहांपुर के जैतीपुर में करीब 20 दिन की नवजात बच्ची को कोई गांव गौहावर मार्ग के रास्ते में बहगुल नदी के पुल के किनारे एक फुट गहरे गड्ढे में दबा गया। निर्दयता की शिकार हुई इस बच्ची का जीवन कुदरत ने बचा तो लिया, मगर उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। मिट्टी से बाहर छूटे बच्ची के हाथ को चींटियों और कीड़ों ने बुरी तरह जख्मी कर दिया।
 

रविवार सुबह करीब नौ बजे बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उसके नजदीक पहुंचे एक बालक को जब खून से लथपथ हाथ दिखाई दिया तो उसने लोगों को इकट्ठा किया। इसके बाद बुलाई गई पुलिस जैतीपुर सीएचसी ले गई। वहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में उसका जीवन बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

डबलू नाम का यह बालक बकरी चराने नदी किनारे गया था। उसके बुलाने पर पहले मां नीरज और फिर आसपास जानवर चराते गांव के दूसरे लोग उसके पास पहुंचे। डर के कारण उसे मिट्टी से बाहर निकालने से पहले जैतीपुर थाना पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने मिट्टी हटाई तो पता चला कि यह बच्ची है और नवजात है। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। 

ऐसे बची जान 
बच्ची का जीवन उसके ऊपर डाली गई मिट्टी के बीच बने एक छोटे से छेद से बच सका। जिस तरह से उसे एक फुट गड्ढे में दबाया गया था, उससे यह तो नहीं लगता कि जान बूझकर यह छेद छोड़ा गया होगा। 

 

पहले भी हुईं ऐसी घटनाएं
19 मई 2025 : दादी और नानी ने मिलकर तीन दिन की नवजात बच्ची को निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय के पास गड्ढे में जिंदा दफन कर दिया था। कर्मचारी की नजर पड़ने से बच्ची को समय रहते बचा लिया गया। बच्ची की मां को दूसरी बेटी होने और होंठ कटे होने को लेकर ताने दिए जा रहे थे।

 

20 जनवरी 2019 : जलालाबाद के पुरैना गांव में बीस दिन की बच्ची को तालाब किनारे जिंदा दफना दिया गया। तालाब के पास से गुजरने वाले ने रोने की आवाज सुन उसकी जान बचाई थी। बच्ची को तांत्रिक के कहने पर दफनाया गया था। पुलिस ने परिजनों को पकड़ लिया था।

 

मासूम बच्ची की उम्र तकरीबन 20 दिन है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बच्ची एसएनसीयू में भर्ती है। उसे ऑक्सीजन दी गई है। डॉक्टर अखिलेश के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम बच्ची के उपचार के लिए जुटी हुई है। - डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज

 
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बच्ची के बारे में जानकारी की जा रही है। क्षेत्र के अस्पतालों में दिखवा रहे हैं कि कहां-कहां 20-25 दिन के अंदर बच्चियों का जन्म हुआ है। आसपास लगे सीसी कैमरे भी चेक किए जा रहे हैं। ज्योति यादव, सीओ तिलहर
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