रेल यात्री छोटी-छोटी स्टेशनों पर ट्रेनें रुकने से परेशान हैं। वहां न पीने को पानी है न कुछ खाने को। हर समय वह रेलवे को कोसते रहते हैं। यात्री नहीं जानते हैं कि ब्लाक हादसे रोकने के लिए हैं न कि उन्हें परेशान करने के लिए।
मई जून की चिलचिलाती धूप से रेल पटरियां चटकने लगतीं हैं। ज्यादा चटकने से ट्रेन कभी भी पटरी से उतर सकती है। रेलवे ने पटरियों को कसने का काम अभी से शुरू कर दिया है जिससे गर्मियों में यात्रा सुरक्षित रहे। शनिवार को शाहजहांपुर-रामपुर और बरेली बिशारतगंज सेक्शन पर ट्रेनें रोक कर काम किया गया। इससे ट्रेनें घंटो लेट जंक्शन पहुंची। बरेली रामपुर सेक्शन पर दुगनपुर से भिटौरा, शाहजहांपुर सेक्शन पर जंक्शन से रसुइया और चंदौसी रूट पर रामगंगा से विशारतगंज तक रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन रुका रहा। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों ने पटरियों को काटकर दोबारा कसने का काम किया। विभाग के सूत्रों का कहना है कि मई जून की गर्मी में पटरियां फैलतीं हैं जिससे हादसे की आशंका रहती है। गर्मियों में समर स्पेशल ट्रेनों की भी संख्या बढ़ती है, इसकी तैयारी अभी से की जा रही है। इधर छोटे-छोटे स्टेशनों पर ट्रेनें रुकने से यात्रियों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।